मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हाइपरटेंशन से रक्षा, अपनी किडनियों की सुरक्षा विषय पर वर्कशॉप आयोजित की गई। जिसमें सौ से ज्यादा सीनियर सिटीजंस शामिल हुए।
मैक्स के डायरेक्टर नेफ्रोलॉजी डॉ. विनय सखूजा ने कहा कि किडनी फेल होने में हाइपरटेंशन तीसरा सबसे बड़ा कारण है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश की 22 प्रतिशत वयस्क आबादी हाइपरटेंशन से ग्रस्त है। 65 साल से अधिक उम्र के साठ प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं।
अगर हाइपरटेंशन अनियंत्रित हो जाए तो किडनी को नुकसान पहुंचता है। चिंता की बात यह है कि हाइपरटेंशन के शिकार 90 फीसदी लोगों को इसके लक्षणों के बारे में जानकारी नहीं होती।
वजन नियंत्रण व एक्सरसाइज के जरिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखा जा सकता है। जिससे किडनी फेल होने का जोखिम कम हो जाता है। बीपी के चलते किडनी पर काफी दबाव रहता है, बीपी कंट्रोल करके किडनी को सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
उन्होंने सलाह दी कि फल और सब्जियां ज्यादा खाएं, नमक का उपयोग घटाएं। वजन ज्यादा है, तो कम करने का प्रयास करे, भोजन में कैलोरीज की सीमा निश्चित करें।
धूम्रपान और शराब का सेवन कम करें। डॉक्टर से नियमित बीपी की जांच कराएं। डिब्बाबंद और सूखे सूप, प्रोसेस्ड फूड्स में लेबल पर सोडियम की मात्रा देखें।
ऐसे नमक वाले फूड्स को नजरअंदाज करें। सक्रिय रहने से रक्त धमनियां लचकदार बनेंगी, दिल भी मजबूत रहेगा। दिमाग को शांत रखने से भी बीपी कम होगा। डॉक्टर की सलाह से ही बीपी की दवाई लें।