फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: फर्जी मेजर बन बनाई कई गर्लफ्रेंड, अब आ सकती हैं सामने

Mon, 25 Aug 2025 01:23 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
विज्ञापन
आरोपी फर्जी मेजर
विज्ञापन
क्राइम ब्रांच के मुलाजिमों को करता था परेशान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। फर्जी आर्मी मेजर गणेश भट्ट के एक के बाद एक कारनामे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने खुद को मेजर बताकर कई लड़कियों को झांसे में ले रखा था। वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करना, महंगी शराब पीना और सरकारी गाड़ी, गनमैन व ड्राइवर के साथ घूमना उसके शौक थे। इसी दिखावे से वह लड़कियों को यकीन दिलाता कि वह असली मेजर है। सूत्रों का कहना है कि आरोपी के झांसे में आई कई लड़कियां अब शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने आ सकती हैं। चंडीगढ़ पुलिस की एक महिला सिपाही की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी गणेश पुलिस मुख्यालय में पूर्व डीजीपी से भी मिल चुका था। उसके मोबाइल में डीजीपी के नाम से नंबर सेव था, जिन्हें दिखाकर वह मुलाजिमों पर धौंस जमाता था।


क्राइम ब्रांच के मुलाजिमों को करता था परेशान

सूत्रों के अनुसार आरोपी के क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर से गहरे संबंध थे। इसी कारण वह क्राइम ब्रांच के स्टाफ को परेशान करता और जब चाहे उनके कमरों में घुस जाता। पूर्व इंस्पेक्टर का करीबी होने के कारण कोई उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करता। पुलिस विभाग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उसने खुद को हरियाणा निवासी बताकर नाम गरीश दहिया रखा। यहां तक कि वर्दी पर भी यही नाम लिखवा चुका था। जिससे उसके इंस्पेक्टर के साथ रिश्ते और गहरे हो गए।
विज्ञापन



क्राइम ब्रांच में आरोपी की मौजूदगी पर अधिकारियों को शक हो गया था। जब इंस्पेक्टर से पूछा गया कि मेजर ड्यूटी कब करता है तो उसने जवाब दिया कि उसकी ड्यूटी सुबह-सुबह होती है। सूत्रों के मुताबिक गणेश इतना शातिर था कि उसने इंस्पेक्टर को मेस तक ले जाकर खाना भी खिलाया।


इंस्पेक्टर के साथ रोज चलती थी पार्टी

सूत्रों ने बताया कि आरोपी का पूरा मूवमेंट खंगालने के लिए अब सीसीटीवी फुटेज चेक करवाई जा रही है। आरोपी न केवल इंस्पेक्टर के घर-परिवार तक घुल-मिल चुका था, बल्कि उसके साथ रोजाना पार्टी भी करता था। गणेश चंडीगढ़ पुलिस के अन्य अफसरों के भी संपर्क में था और उनके जरिए होटल तक अरेंज करवा चुका था। हैरानी इस बात की है कि इंस्पेक्टर ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी उसका साथ नहीं छोड़ा।
विज्ञापन



आईफोन मिलने पर होंगे अहम खुलासे

पुलिस का कहना है कि आरोपी का आईफोन बरामद करना बाकी है। फोन मिलने पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार गणेश पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर करवाने का झांसा देकर पैसों की उगाही करता था। इतना ही नहीं, वह सरकारी गाड़ी से पंचकूला तक आता-जाता था। अब सवाल यह है कि आखिर सरकारी गाड़ी और मुलाजिम उसके साथ कैसे चलते थे?
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें