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एचपीएससी का फैसला: एचसीएस प्रारंभिक व डेंटल सर्जन की परीक्षा रद्द, अब दोबारा होंगी, सिर्फ पुराने अभ्यार्थियों को मिलेगा मौका

Mon, 02 May 2022 09:53 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

विजिलेंस ने 18 नवंबर को एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर को उसके कार्यालय से 90 लाख रुपये की रिश्वत के साथ दबोचा था। आयोग ने दोनों भर्तियां रोक दी थी और एचसीएस की तीन से पांच दिसंबर को होने वाली मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया था। 
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हरियाणा लोक सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एचसीएस के 156 और डेंटल सर्जन के 81 पदों के लिए सितंबर में हुई परीक्षाओं को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने रद्द कर दिया है। विजिलेंस की फाइनल रिपोर्ट में परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा पाए जाने के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है। अब ये दोनों परीक्षाएं दोबारा होगी। नए आवेदन नहीं मांगे गए हैं। पहले आवेदन करने वाले ही परीक्षा दे सकेंगे। डेंटल सर्जन की परीक्षा 19 जून और एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा 10 जुलाई को होगी। 

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आयोग ने इन दोनों भर्तियों के लिए फरवरी 2021 में आवेदन मांगे थे और सितंबर 2021 में परीक्षाएं ली थी। इसके बाद नवबंर में दोनों परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा पास कराने के मामले में नवीन और अश्वनी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने 18 नवंबर को एचपीएससी के उप सचिव अनिल नागर को उसके कार्यालय से 90 लाख रुपये की रिश्वत के साथ दबोचा था। आयोग ने दोनों भर्तियां रोक दी थी और एचसीएस की तीन से पांच दिसंबर को होने वाली मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया था। 

फैसला लेने में लगे पांच माह
हरियाणा सरकार नागर को बर्खास्त भी कर चुकी है लेकिन पांच माह से आयोग इन परीक्षाओं पर कोई फैसला नहीं ले पाया था। अब आयोग के पास विजिलेंस ब्यूरो की फाइनल रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि दोनों परीक्षाओं में गड़बड़ी की गई है। एफएसएल की रिपोर्ट में गड़बड़ी दर्शाई गई है। तमाम पहलुओं और भर्ती लटकने से बढ़ते युवाओं के रोष को देखते हुए आयोग ने दोनों भर्तियों की परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। 
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20 से 30 लाख में पास कराते थे परीक्षा
नागर समेत उसके साथियों ने विजिलेंस के सामने माना था कि एचसीएस प्रारंभिक और डेंटल सर्जन की परीक्षा कराने के लिए एक-एक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपये में सौदा हुआ था। नागर ने माना था कि उसने कुल 18 अभ्यर्थी पास कराए। इनमें एचसीएस के पांच और डेंटल सर्जन के 13 अभ्यर्थी शामिल थे। 
 

विजिलेंस की रिपोर्ट में सामने आया है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है। कानूनी पहलुओं को देखते हुए दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। अब दोबारा परीक्षा ली जाएगी। नए सिरे से होने वाली परीक्षाओं के लिए विशेष बंदोबस्त किए जाएंगे और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं होगी। - आलोक वर्मा, चेयरमैन, हरियाणा लोक सेवा आयोग।

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