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HCS का पेपर लीक हुआ, हाईकोर्ट में याचिका दायर करके FIR करने की मांग

Wed, 09 Aug 2017 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पेपर लीक - फोटो : डेमो
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एचसीएस 2017 का पेपर लीक होने की मामला सामने आया है। मामले में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके एफआईआर दायर करने की मांग की गई है। एचसीएस ज्यूडिशियल का पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने व दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी करने की अपील की है।
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याचिका के अनुसार डेढ़ करोड़ में पेपर बिक रहा था और इसकी उसे भी पेशकश की गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट  को बुलाया, जिन्होंने बताया कि इस मामले में उन्हें भी कुछ शिकायतें मिली हैं और वे इसकी जांच कर रहे हैं। पंचकूला के पिंजौर निवासी एडवोकेट सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ने 20 मार्च 2017 को विज्ञापन निकाल कर 109 एचसीएस ज्यूडिशियल पदों के लिए आवेदन मांगे थे।

इसके लिए याची ने भी आवेदन किया था। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उसने एक कोचिंग सेंटर ज्वाइन किया था। इस दौरान उसकी दोस्ती सुशीला से हो गई। एक दिन उसने सुशीला से लेक्चर से जुड़ी ऑडियो क्लिप मांगी। जो ऑडियो क्लिप आई उसमें सुशीला किसी अन्य लड़की से बात कर रही थी और डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात हो रही थी। इसके बाद जब उसने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी।
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इसके बाद जब याची ने उससे जोर देकर पूछा तो उसने पेपर मिलने की बात कही। याची को यकीन नहीं हुआ कि इस स्तर का पेपर लीक हो सकता है लेकिन उसने सच्चाई जानने के लिए पेपर लेने में रुचि दिखाई। इस दौरान सुशीला ने याची को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। बाद में शक होने पर याची से संपर्क ही नहीं किया गया। 16 जुलाई को हुई परीक्षा में जैसे ही याची को प्रश्नपत्र मिला वह हैरान रह गई क्योंकि जो प्रश्न बताए गए थे वे क्रम संख्या 9 17, 18, 27 व 111 पर मौजूद थे।

इसके बारे में याची ने अपने पति को बताया और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को व हाईकोर्ट को एडमिनस्ट्रेटिव साइट पर दी। याची ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सबसे पहले एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ललिता कुमारी मामले में स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में जांच के लिए एफआईआर जरूरी है। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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