पंचकूला में बातचीत के दौरान शर्मा ने बताया कि देवीलाल की सरकार के समय कलाकारों को एक हजार रुपये पेंशन दी जाती थी, जिससे कलाकार अपनी गुजर बसर कर लेते थे। बाद की सरकारों ने इसे बंद कर दिया। उस समय तो जैसे-तैसे कलाकार अपने कार्यक्रमों के जरिये आय जुटा लेते थे लेकिन अब कोरोना ने एक बार फिर से कलाकारों के लिए सोचने के लिए मजबूर किया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणवी संस्कृति को बचाने वाले इन कलाकारों के बारे में आज तक किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसके पीछे कारण यह रहा कि क्योंकि योजना बनाने वाले अधिकारी ज्यादातर दूसरे प्रदेशों से होते हैं। ऐसे में उनको न तो हरियाणवी संस्कृति का ज्ञान होता है और न ही उनकी रुचि उसको बचाने में होती है। इस वजह से अब फिर से इस पर विचार किया जाए और हरियाणवी कला और संस्कृति के बचाव के लिए सरकार कलाकारों की मदद करे।
हरियाणवी गायक जोगेंद्र मलिक, सतपाल नैन ने कोरोनाकाल के दौरान कलाकारों पर आए संकट को देखते हुए सभी कलाकारों से आह्वान किया है कि वे सभी एकजुट होकर एक प्रदेशस्तरीय संगठन तैयार करें, ताकि अपनी मांग जोर-शोर से सरकार के सामने रख सकें। दोनों कलाकारों का कहना है कि कोरोना के चलते सभी कलाकार घरों में बैठ गए हैं, कमाई के नाम पर फिलहाल कुछ नहीं है। सरकार को इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के कलाकारों की बात करें तो हरियाणा में इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है।
कई सोशल मीडिया पर आए, पुराने लोगों को दिक्कत
हरियाणा के हाईप्रोफाइल या फिर नए कलाकार अब यूट्यूब या फेसबुक के माध्यम से आनलाइन कार्यक्रम करते हैं। या फिर अपने पुराने वीडियो और आडियो को सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। इससे उनके फॉलोअर्स बढ़ने लगे हैं। इससे सोशल मीडिया के माध्यम से उनको कमाई होती है।
हरियाणवी गायक कर्मबीर फौजी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। फौजी का कहना है कि फिलहाल यही एक विकल्प है। इससे आय भी अच्छी हो रही है। कलाकार सोशल मीडिया पर अपना चैनल शुरू करें। इसके अलावा, अजय हुड्डा, सपना चौधरी, राममेहर मेहला समेत तमाम कलाकार सोशल मीडिया पर आ गए हैं। हालांकि, बुजुर्ग या फिर पुराने कलाकारों को इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
हम बदल देंगे सारा जमाना के नाम से पहला डिजिटल मंच स्थापित किया है। यहां पर लाइव कार्यक्रम दिए जाते हैं। 20 से अधिक कार्यक्रम हो चुके हैं, आगे भी इसकी तैयारी है। सरकार को पत्र लिखा है और यहां पर कार्यक्रम देने वाले कलाकारों का मानदेय तय करने के लिए कहा गया है। इसलिए कलाकारों को चाहिए वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म आएं और आत्मनिर्भर बनें। अगर कोई कलाकार परेशानी में है या उस पर कोई संकट है तो हमसे संपर्क करें। हमारी टीम उसकी आर्थिक समेत अन्य मदद करेगी। -गजेंद्र फौगाट, अतिरिक्त निदेशक, हरियाणा कला परिषद।