फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: जानी-मानी अभिनेत्री ऊषा शर्मा बोलीं- कलाकारों की फिर से शुरू की जाए पेंशन

Tue, 15 Jun 2021 08:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

उषा शर्मा ने कहा कि जब वे हरियाणा कला परिषद में थीं तो भी उस समय यह मांग रखी गई थी लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। इस वक्त कलाकारों की मदद वक्त की जरूरत है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में हरियाणवी संस्कृति खतरे में पड़ सकती है। इसके लिए जरूरी है कि कलाकारों को संरक्षण दिया जाए।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोनाकाल में हरियाणा के कलाकारों के सामने संकट आ गया है। सार्वजनिक समारोह आदि में भीड़ नहीं जुट रही है, लिहाजा सुर और ताल बंद पड़े हैं। महामारी के चलते सांग, रागिनी, जगराते समेत मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में पिछले डेढ़ साल से हरियाणवी कलाकार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

विज्ञापन


हालात ये हो गए हैं कि अब मजबूरी में कलाकारों को दूसरे कार्यों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। हरियाणवी संस्कृति को बचाने वाले कलाकारों को अब सरकार से राहत की आस है। हालांकि, सरकार की तरफ से फिलहाल ऐसे जरूरतमंद कलाकारों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

बोले कलाकार, मदद को आगे आए सरकार 
लोक कलाकार सुमेर शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण रागिनी गायकों, जगरातों में गाने वालों समेत अन्य संगीत वाद्य बजाने वालों समेत कलाकारों के लिए संकट की घड़ी है। अभी आगे के बारे में भी कुछ नहीं कह सकते। इसके अलावा, दूसरा भी कोई काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार को इनकी सुध लेनी चाहिए।
विज्ञापन


 भजन मंडली चलाने वाले जींद के राजबीर कुमार बताते हैं कि एक साल से अधिक हो गया, सब कुछ बंद पड़ा है। अब पुस्तैनी काम खेती से काम चल रहा है। करनाल के ईश्वर शर्मा का मानना है कि सभी कलाकारों को एकजुट होकर अपनी बात रखनी चाहिए, साथ ही एक दूसरे की मदद करें।

उषा शर्मा ने की पेंशन देने गी मांग
हरियाणी कलाकार और चंद्रावल फिल्म की अभिनेत्री उषा शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि एक बार फिर से सरकार कलाकारों की पेंशन शुरू करे, क्योंकि कोरोना महामारी के कारण डेढ़ साल से कलाकारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इनमें से कई कलाकारों के पास जीवन यापन का संकट आ गया है। 

पंचकूला में बातचीत के दौरान शर्मा ने बताया कि देवीलाल की सरकार के समय कलाकारों को एक हजार रुपये पेंशन दी जाती थी, जिससे कलाकार अपनी गुजर बसर कर लेते थे। बाद की सरकारों ने इसे बंद कर दिया। उस समय तो जैसे-तैसे कलाकार अपने कार्यक्रमों के जरिये आय जुटा लेते थे लेकिन अब कोरोना ने एक बार फिर से कलाकारों के लिए सोचने के लिए मजबूर किया है। 

उन्होंने कहा कि हरियाणवी संस्कृति को बचाने वाले इन कलाकारों के बारे में आज तक किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसके पीछे कारण यह रहा कि क्योंकि योजना बनाने वाले अधिकारी ज्यादातर दूसरे प्रदेशों से होते हैं। ऐसे में उनको न तो हरियाणवी संस्कृति का ज्ञान होता है और न ही उनकी रुचि उसको बचाने में होती है। इस वजह से अब फिर से इस पर विचार किया जाए और हरियाणवी कला और संस्कृति के बचाव के लिए सरकार कलाकारों की मदद करे। 
विज्ञापन

एक बैनर के नीचे लाने की तैयारी

हरियाणवी गायक जोगेंद्र मलिक, सतपाल नैन ने कोरोनाकाल के दौरान कलाकारों पर आए संकट को देखते हुए सभी कलाकारों से आह्वान किया है कि वे सभी एकजुट होकर एक प्रदेशस्तरीय संगठन तैयार करें, ताकि अपनी मांग जोर-शोर से सरकार के सामने रख सकें। दोनों कलाकारों का कहना है कि कोरोना के चलते सभी कलाकार घरों में बैठ गए हैं, कमाई के नाम पर फिलहाल कुछ नहीं है। सरकार को इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के कलाकारों की बात करें तो हरियाणा में इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है।

कई सोशल मीडिया पर आए, पुराने लोगों को दिक्कत
हरियाणा के हाईप्रोफाइल या फिर नए कलाकार अब यूट्यूब या फेसबुक के माध्यम से आनलाइन कार्यक्रम करते हैं। या फिर अपने पुराने वीडियो और आडियो को सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। इससे उनके फॉलोअर्स बढ़ने लगे हैं। इससे सोशल मीडिया के माध्यम से उनको कमाई होती है।

हरियाणवी गायक कर्मबीर फौजी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। फौजी का कहना है कि फिलहाल यही एक विकल्प है। इससे आय भी अच्छी हो रही है। कलाकार सोशल मीडिया पर अपना चैनल शुरू करें। इसके अलावा, अजय हुड्डा, सपना चौधरी, राममेहर मेहला समेत तमाम कलाकार सोशल मीडिया पर आ गए हैं। हालांकि, बुजुर्ग या फिर पुराने कलाकारों को इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
हम बदल देंगे सारा जमाना के नाम से पहला डिजिटल मंच स्थापित किया है। यहां पर लाइव कार्यक्रम दिए जाते हैं। 20 से अधिक कार्यक्रम हो चुके हैं, आगे भी इसकी तैयारी है। सरकार को पत्र लिखा है और यहां पर कार्यक्रम देने वाले कलाकारों का मानदेय तय करने के लिए कहा गया है। इसलिए कलाकारों को चाहिए वे अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म आएं और आत्मनिर्भर बनें। अगर कोई कलाकार परेशानी में है या उस पर कोई संकट है तो हमसे संपर्क करें। हमारी टीम उसकी आर्थिक समेत अन्य मदद करेगी। -गजेंद्र फौगाट, अतिरिक्त निदेशक, हरियाणा कला परिषद।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें