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अच्छी खबर: हरियाणा को जल्द मिलेगी साढ़े तीन लाख कोरोना वैक्सीन की खेप, टीकाकरण में आएगी तेजी

Thu, 06 May 2021 11:03 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को सभी डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने और प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए समय-समय पर सक्रिय रणनीतियां बनाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में वे पांच और जिलों का दौरा करेंगे। 
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कोरोना टीका - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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हरियाणा को जल्द ही साढ़े तीन लाख कोरोना के टीकों की खेप मिलेगी। 18 से 44 साल के टीकाकरण में इससे और तेजी आएगी। इसके अलावा सभी सरकारी, निजी अस्पताल बेड, मरीजों और ऑक्सीजन की उपलब्धता पोर्टल पर निरंतर अपडेट करेंगे। अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति व उपयोग, भरे व खाली बेड और दवाइयों की बिक्री का ऑडिट होगा। कोरोना के स्टेप डाउन मरीजों को सभी सुविधाओं के साथ कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को प्राथमिकता दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को सभी डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने और प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए समय-समय पर सक्रिय रणनीतियां बनाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में वे पांच और जिलों का दौरा करेंगे। 

विशेषज्ञों के अनुसार कोविड-19 मामलों में वृद्धि की संभावना है। इसलिए सभी डीसी को अब इस महामारी की रोकथाम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रबंधन की तैयारियों, जैसे टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने, क्लीनिकल मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ जन-जागरूकता गतिविधियां विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ानी होंगी। मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग में गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी जुड़े।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में सामान्य, आईसीयू और ऑक्सीजन युक्त बेड की उपलब्धता व निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति और मांग की निगरानी के लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति जल्द से जल्द गठित की जाएं।

उन्होंने डीसी को निर्देश दिए कि वे स्वयं ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की निगरानी करें। ऑक्सीजन टैंकर की अनलोडिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में राज्य का ऑक्सीजन कोटा 257 मीट्रिक टन है और केंद्र सरकार से इस कोटा को बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया गया है।

स्टेप डाउन मरीजों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने की प्राथमिकता दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीसी सुनिश्चित करें कि सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ स्टेप डाउन मरीजों को कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करने को प्राथमिकता दी जाए। कोई भी गंभीर रोगी जो अस्पताल में दाखिला लेने के लिए संघर्ष कर रहा हो, उसे जल्द से जल्द आवश्यक उपचार मिल सके। 
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कोविड-19 संक्रमण दर को कम करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाए। अधिकारी सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में भर्ती किए गए रोगियों की संख्या, ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए मरीजों की संख्या और ठीक हुए रोगियों की संख्या से संबंधित सभी प्रकार के डाटा को दैनिक आधार पर हरियाणा हील और एनएचएम पोर्टल पर अपडेट करना सुनिश्चित करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में वायरस का प्रसार हो रहा है, इसलिए प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए जाएं। यदि किसी को भी कोविड-19 के लक्षण हों तो जल्द से जल्द पकड़ में आ सके और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। इन कैंप के माध्यम से डीसी यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा के लगभग 60 लाख परिवारों के प्रत्येक सदस्य को ट्रैक किया जा सके। इस कार्य में जन प्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए टीमें गठित करें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डीसी दवाओं व आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए एक टीम का गठन करें। एंबुलेंस के लिए प्रति किलोमीटर की दर से रेट तथा अस्पतालों में बेड और दवाइयों के रेट भी तय किए जाएं। लोगों को जागरूक करने के लिए और उपभोक्ता का शोषण न हो इसके लिए आवश्यक वस्तुओं की रेट लिस्ट दुकानों के बाहर प्रदर्शित की जाए।

होम आइसोलेशन वाले रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति मिलेगी
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कोविड-19 रोगियों और सह-रुग्णता से पीड़ित लोगों को घर में ऑक्सीजन आपूर्ति प्रदान करने के लिए एक प्रणाली तैयार की गई है। प्रणाली के अनुसार इन रोगियों के पंजीकरण के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। ऐसे रोगियों के घर पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए।
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