हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा में कार्यकारी डीजीपी की नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि स्थायी तौर पर ही पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति की जाएगी। गृह मंत्री अनिल विज ने इसका झंझट खत्म करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक नया पैनल केंद्र को भेजा जाए। जब तक पैनल शॉर्टलिस्ट होकर केंद्र की तरफ से नए डीजीपी का नाम नहीं भेजा जाता तब तक मनोज यादव इस पद अपनी सेवाएं देंगे।
गृह मंत्री अनिल विज ने डीजीपी के रिलीव किए जाने के संदर्भ में भेजे पत्र पर नोट लिखा है कि उनके अनुग्रह को स्वीकार किया जाए। चूंकि उन्होंने अपने कैरियर और परिवार का हवाला देते हुए हरियाणा से जाने की अनुमति मांगी है। गौरतलब है कि सोमवार को मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर के बाद नया पैनल केंद्र को भेजा जाएगा।
नए पैनल में सात आईपीएस अफसरों को वरिष्ठता के क्रम में रखा जाएगा। इसमें पीके अग्रवाल का नाम पहले स्थान पर और उनके बाद आरसी मिश्रा, मोहम्मद अकील, शत्रुजीत कपूर, देसराज सिंह, आलोक राय और संजीव कुमार जैन के नाम शामिल किए जाएंगे। डीओपीटी से उसी नाम पर मुहर लगेगी जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहेंगे।
कार्यकारी नियुक्ति का झंझट इसलिए समाप्त किया
सरकार ने कार्यकारी डीजीपी लगाने का झंझट इसलिए समाप्त कर दिया क्योंकि कार्यकारी लगने के बाद अधिकारी अपनी लॉबिंग शुरू कर देते हैं। हरियाणा के अधिकारियों की दिल्ली में अच्छी पैठ होती है, लिहाजा आशंका इस बात की भी थी कि कार्यकारी लगने के बाद उसे हटाना मुश्किल होता, इसलिए भी मनोज यादव को पद पर बने रहने के लिए कहा गया है।