दिसंबर में 54 फीसदी बारिश कम
बीते दिसंबर में सिर्फ 2.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से 54 फीसदी कम रही है। मौसम विभाग के मुताबिक दिसंबर के महीने में सामान्यता: छह एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालांकि पिछले साल दिसंबर महीने में बारिश की एक भी बूंद नहीं पड़ी थी। अभी तक दिसंबर में सबसे ज्यादा बारिश साल 2010 में 75.9 मिलीमीटर दर्ज की गई है। राज्य का सिर्फ कुरुक्षेत्र ही एक ऐसा जिला रहा, जहां 11.9 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से करीब 47 फीसदी ज्यादा रही। बाकी जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। वहीं, चरखी दादरी, फतेहाबाद, झज्जर, रोहतक और सिरसा में शून्य बारिश रिकॉर्ड हुई।
अगले तीन महीने सामान्य बारिश की संभावना
वहीं, मौसम विभाग ने बारिश व तापमान को लेकर अगले तीन महीने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी-मार्च तक सामान्य बारिश का आसार है। जनवरी में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड किए जाने की संभावना है। वहीं, जनवरी में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जाएगा। इसका मतलब है कि रातों में ज्यादा ठंड नहीं रहेगी। वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। यानी दिन ठंडे रहेंगे।
कहां पर कितना रहा तापमान
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शहर
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अधिकतम
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न्यूनतम
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| अंबाला |
10.8 |
8.9 |
| भिवानी |
13.1 |
11.0 |
| फतेहाबाद |
9.8 |
8.0 |
| यमुनानगर |
11.6 |
10.3 |
| रोहतक |
11.8 |
9.6 |
| झज्जर |
11.6 |
10.1 |
| कुरुक्षेत्र |
11.0 |
9.5 |
| पंचकूला |
12.6 |
9.9 |
| बालसमंद |
10.8 |
8.2 |
| करनाल |
9.6 |
6.6 |
(नोट:- तापमान डिग्री सेल्सियस में)
दिसंबर में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं होती है। अगर ज्यादा बारिश हो तो फसलों को नुकसान पहुंचेगा। उत्तर भारत के जलाशय मानसून की बारिश पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। इसलिए दिसंबर में कम बारिश से किसी तरह से कोई नुकसान नहीं होता। एके सिंह वैज्ञानिक, मौसम विभाग चंडीगढ़।