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Haryana Elections: नहीं चला 'मोदी मैजिक', जहां पीएम ने की रैली वहां के आंकड़े चौंकाने वाले

Fri, 25 Oct 2019 09:25 AM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मई 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान जिस तरह ‘मोदी मैजिक’ ने हरियाणा में भाजपा को रिकार्ड जीत नसीब करवाई थी, वही मैजिक महज पांच महीनों में ही बेअसर दिखाई दिया। अक्टूबर 2019 के इस विधानसभा चुनाव में मोदी मैजिक के सहारे चुनाव लड़ सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को झटका लगा है। इस चुनाव में ‘75 पार’ का लक्ष्य लेकर चल रही हरियाणा भाजपा 40 का आंकड़ा भी बमुश्किल छू पाई। 

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इस मिशन के लिए हरियाणा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, सन्नी दओल, राजनाथ, नितिन गडकरी जैसे बड़े चेहरों समेत 40 स्टार प्रचारकों ने अपनी ताकत झोंकी थी। बावजूद इसके हरियाणा में भाजपा ‘मनोहर’ जीत से दूर ही रही।

दरअसल, लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद हरियाणा भाजपा खासी उत्साहित थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 79 हलकों में बढ़त हासिल की थी। इसी को देखते हुए टीम मनोहर ने इस विधानसभा चुनाव के लिए ‘मिशन 75 पार’ का टारगेट सेट किया था। 

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अब इस लक्ष्य को प्राप्त कर लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी रिकार्ड जीत हासिल करना टीम मनोहर के लिए न केवल बड़ी चुनौती थी, बल्कि भाजपा की जितवाकर सीएम मनोहर लाल को पीएम मोदी और शाह की उम्मीदों पर भी खरा उतरना था।

सीएम मनोहर लाल ने चुनाव प्रचार की शुरूआत अपनी ‘जन आशीर्वाद’ यात्रा से की। मनोहर लाल ने हाथ में हलकावार विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड ले सभी 90 हलकों को नापा और चुनावी हुंकार भरी। टिकट वितरण में भी पूरी तरह से सीएम मनोहर लाल की ही चली। इस दौरान दो मंत्रियों समेत ग्यारह मौजूदा विधायकों की टिकट भी काटी गई और कई नए चेहरों को मैदान में उतारा गया था।

 जैसे-जैसे चुनावी सरगर्मियां बढ़ी तो मोर्चा संभालने के लिए भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की फौज चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतार दी। भाजपा को लग रहा था कि आक्रामक चुनाव प्रचार के चलते मिशन 75 पार को आसानी हासिल कर लिया जाएगा। स्टार प्रचारकों में दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 4 और अमित शाह की 8 रैलियां प्रस्तावित थी। 

चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ा, तो मौजूदा परिस्थितियों को भांपते हुए अचानक पीएम मोदी की 3 और रैलियां बढ़ा दी गई। जबकि अमित शाह की 3 रैलियां उनके अस्वस्थ होने की वजह से रद्द करनी पड़ी। अंतिम दौर में तो भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार को पूरी तरह से आक्रामक बना दिया था। लेकिन गुरुवार को जब नतीजे सामने आए, तो बड़ा उलटफेर हो गया। वर्ष 2014 में स्पष्ट बहुमत पाने वाली भाजपा इस बार 40 के आंकड़े तक मुश्किल से पहुंच पाई, बहुमत की तो बात ही दूर थी।

ऐसा रहा मोदी और शाह की रैलियों का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल्लभगढ़ में रैली की थी वहां भाजपा जीती, लेकिन दादरी में आजाद प्रत्याशी जीता। इसी तरह ऐलनाबाद में भी पीएम के प्रयास विफल रहे और वहां इनेलो जीती। रेवाड़ी में मोदी ने हुंकार भरी, लेकिन वहां कांग्रेस जीती, कुरुक्षेत्र में मोदी का प्रभाव दिखा। थानेसर समेत आसपास की कई सीटें भाजपा के खाते में आई। 
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गोहाना में मोदी ने हुंकार भरी थी, लेकिन जीत कांग्रेस के खाते में गई। हिसार में पीएम मोदी की रैली हुई, वहां बीजेपी को जीत हासिल हुई। इसी तरह गृहमंत्री अमित शाह कैथल, लोहारू और पानीपत में रैलियां की। इन सभी सीटों पर भाजपा को जीत मिली। मगर महम और बहादुरगढ़ में अमित शाह के प्रयास विफल रहे। टोहाना, रतिया और नरवाना में अमित शाह की रैलियां रद्द हो गई थी। इन तीनों सीटों में से भाजपा को सिर्फ रतिया में ही जीत मिली। टोहाना ने भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला तक हार गए।

असरदार रही राहुल की रैलियां
कांग्रेस की ओर से बड़े स्टार प्रचारक प्रचार राहुल गांधी ही रहे। सोनिया व प्रियंका गांधी किसी कारणवश प्रचार के लिए हरियाणा नहीं आ पाई। राहुल गांधी ने नूहं और महेंद्रगढ़ में दो बड़ी रैलियां की और दोनों जगह कांग्रेस जीती। जबकि इन रैलियों का प्रभाव आसपास की सीटों पर भी देखने को मिला। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, वीरेंद्र सहवाग ने भी हरियाणा के रण में कांग्रेस की जीत के लिए पसीना बहाया।
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