मंच के सदस्य व भारत सरकार के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी एमएस चोपड़ा ने बताया, देश में हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसकी न तो अपनी कोई राजधानी है और न ही हाईकोर्ट जबकि हरियाणा को बने पूरे 58 साल हो चुके हैं। हरियाणा के बाद से जो भी प्रदेश बने हैं, उनकी भी अपनी राजधानी बन चुकी हैं।
हरियाणा की नई राजधानी और अलग हाईकोर्ट बनाने की मांग तेज हो गई है। गैर राजनीतिक मंच हरियाणा बनाओ अभियान के सदस्य इस मांग को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मंच के सदस्य अब तक 18 जिला बार एसोसिएशनों से मिल चुके हैं। कई विधायक और सांसदों से मुलाकातें हो रही हैं। बहुत जल्द मंच के सदस्य मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर मजबूती से अपनी मांग रखेंगे।
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मंच के सदस्य व भारत सरकार के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी एमएस चोपड़ा ने बताया, देश में हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसकी न तो अपनी कोई राजधानी है और न ही हाईकोर्ट जबकि हरियाणा को बने पूरे 58 साल हो चुके हैं। हरियाणा के बाद से जो भी प्रदेश बने हैं, उनकी भी अपनी राजधानी बन चुकी हैं। आज हरियाणा का हर व्यक्ति चाहता है कि हरियाणा की राजधानी और हाईकोर्ट अलग होना चाहिए। हाईकोर्ट अलग नहीं होने से हरियाणा के लाखों केस लंबित पड़े हैं। लोगों को सुनवाई के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं तो वहीं राजधानी न होने से हरियाणा का विकास नहीं हो रहा है। सिर्फ दिल्ली और चंडीगढ़ से सटे जिलों का ही विकास हो रहा है। चोपड़ा ने कहा कि अगर हरियाणा की अलग राजधानी मिलती है तो प्रदेश का विकास होगा। रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिस जगह राजधानी बनेगी उसके आसपास के इलाके का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि किसी बसे बसाए शहर के बजाय नया शहर बसाकर राजधानी बनाई जाए। चोपड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार को चंडीगढ़ से दावा नहीं छोड़ना चाहिए।
चोपड़ा का कहना है कि हरियाणा ने देश के इतिहास, संस्कृति, सभ्यता व उन्नति में विराट भूमिका निभाई है। मगर राज्य की विरासत व धरोहर को सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने कहा मौजूदा सरकार की हरियाणा एक हरियाणवी व प्रदेश का नया राज्यगीत अपनाने की सोच सराहनीय और सार्थक पहल है। उन्होंने कहा नई राजधानी बनने से प्रदेश का संतुलित व समावेशी विकास होगा।