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जश्न में हरियाणा: मनु भाकर ने रचा इतिहास, एक ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली महिला बनीं

Tue, 30 Jul 2024 03:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Manu Bhaker Olympic Medals : मनु भाकर ने भारत को ओलिंपिक में शूटिंग के खेल में 12 साल बाद पदक दिलाया है। वहीं दूसरा पदक जीतते ही वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। भारत को इस खेल में आखिरी ओलिंपिक पदक वर्ष 2012 में मिला था।
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मनु और सरबजीत के मेडल जीतने पर डीऐवी कॉलेज में जश्न मनाते हुए। - फोटो : करुण शर्मा
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विस्तार
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हरियाणा की शूटर मनु भाकर ने ओलंपिक में इतिहास रच दिया है। भाकर ने मंगलवार को अंबाला के सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को कांस्य पदक दिलाया। मनु और सरबजीत के कांस्य पदक जीतते ही पूरा हरियाणा जश्न में डूब गया। ओलंपिक में अभी तक भारत को दो पदक मिले हैं, दोनों ही हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। 
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खुशी मनाते हुए परिवार के सदस्य। - फोटो : संवाद

चंडीगढ़ में भी जश्न

निशानेबाज मनु भाकर डीएवी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन (पीजीडीएमसी) का कोर्स कर रहीं हैं। इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन के जज और कॉलेज के शूटिंग कोच डॉ. अमनेंद्र मान ने खुशी जताते हुए कहा कि मनु भाकर ने पेरिस जाने से पहले मुझसे वादा किया था कि इस बार ओलंपिक पदक जीतकर ही देश लौटूंगी। कहा कि मनु ने अपना वादा पूरा किया। 

वर्ष 2021 में टोक्यो ओलिंपिक में खेलते समय मनु भाकर की पिस्टल खराब हो गई थी। इससे वह 20 मिनट तक निशाना नहीं लगा पाई थीं। पिस्टल ठीक होने के बाद भी मनु सिर्फ 14 शॉट लगा पाईं और फाइनल की रेस से बाहर हो गईं थीं। टोक्यो ओलंपिक में पदक न जीत पाने से वह इतना निराश हुईं कि देश लौटने के बाद निशानेबाजी छोड़ने का इरादा कर लिया। लेकिन इस बार मनु ने इतिहास रच दिया।
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मनु की जीत पर झुमती मनु की दादी मां। - फोटो : संवाद

सरबजोत सिंह ने पहली बार में झटका कांस्य  

अंबाला के मुलाना के गांव धीन के निवासी शूटर सरबजोत ने पेरिस ओलंपिक में पहली बार में कांस्य पदक झटक कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पदक 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स मुकाबले में सरबजोत और मनुभाकर की जोड़ी ने जीता है। सरबजोत के लिए यह ओलंपिक में पहला पदक है। जिस समय सरबजोत और मनु भाकर की जोड़ी का दोपहर एक बजे मुकाबला शुरू हुआ उस समय सरबजोत के पिता जितेंद्र सिंह अंबाल छावनी स्थित शूटिंग अकादमी में उसके सहयोगियों के साथ मुकाबले को देख रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर विश्वास था कि वह ओलंपिक में जरूर जीतेगा। 

मनु के गांव में खुशी का माहौल

मनु के जितने पर गोरिया गांव में खुशी का माहौल हैं। दो दिन पहले भी मनु भाकर ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। प्रदेश में भी जश्न मनाया जा रहा है। 

मनु भाकर की उपलब्धियों पर एक नजर

साल 2017 में मनु ने केरल में नेशनल चैंपियनशिप में 9 स्वर्ण पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इसी वर्ष एशियाई जूनियर चेंपियनशिप में भाकर ने रजत पदक अपने नाम किया। मैक्सिको के गुआदालाजरा में 2018 अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट शूटिंग वर्ल्ड कप के 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में, भाकर ने दो बार के चेंपियन अलेजांद्रा ज्वाला को हराया। इस जीत से वे वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गईं।
 
2018 में आईएसएसएफ़ जूनियर विश्व कप में भी डबल स्वर्ण जीता उसी वर्ष, 16 साल की उम्र में, उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, अपने स्कोर के साथ साथ उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर किया। मई 2019 में, मनु ने म्यूनिख आईएसएसएफ़ विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया अगस्त 2020 में मनु भाकर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। 

मां के हाथ का बना खीर चूरमा है पसंद

मनु भाकर फिलहाल फरीदाबाद में अपने परिवार के साथ रहती हैं। मनु को अपनी मां के हाथ का बना चूरमा पसंद है।

भारतीय निशानेबाज मनु भाकर के कांस्य पदक जीतने पर मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर ने कहा, "बहुत ज्यादा खुश हूं....मैं दोनों बच्चों(मनु भाकर और सरबजोत सिंह) के लिए खुश हूं। भगवान ने आज सब कुछ सफल कर दिया।"
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