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हरियाणा में इस पार्टी के साथ गठबंधन में रही जेटली की अहम भूमिका, हिसार से भी था लगाव

Sun, 25 Aug 2019 03:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
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2013 में हुई रैली के दौरान मंच पर अरुण जेटली और कुलदीप बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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पूर्व वित्तमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली आखिरी बार हिसार 2 दिसंबर 2013 को आए थे। उन्होंने हरियाणा जनहित कांग्रेस के सातवें स्थापना दिवस पर आयोजित रैली में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की थी। 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले हजकां-भाजपा का गठबंधन करवाने में अरुण जेटली ने भी अहम भूमिका निभाई थी। 

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भाजपा नेताओं के अनुसार अरुण जेटली शांत स्वभाव के थे और कार्यकर्ताओं का पूरा मान-सम्मान करते थे। हिसार में एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होने के बाद वह समय-समय पर अपडेट लेते रहते थे। जेटली का कहना था कि हिसार में एयरपोर्ट बनने के बाद विकास के रास्ते खुलेंगे।

एयरपोर्ट बनने के बाद हिसार आने की भरी थी हामी
अरुण जेटली के खासमखास भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरुण दत्त शर्मा का कहना है कि वह अक्सर दिल्ली में अरुण जेटली से मुलाकात करते थे। हिसार में एयरपोर्ट के निर्माण से अरुण जेटली भी खुश थे। वह जब भी उनसे मिलते थे तो वह एयरपोर्ट के निर्माण कार्य से संबंधित अपडेट जरूर लेते थे। शर्मा के अनुसार उन्होंने आग्रह किया कि हिसार में आएं। इस पर जेटली ने कहा था कि एयरपोर्ट बनने के बाद वह हिसार जरूर आएंगे।
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कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान का रखते थे ख्याल

भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुनील वर्मा का कहना है कि उन्होंने संगठन की कई ऐसी बैठकों में शिरकत की है, जिनको अरुण जेटली भी संबोधित करते थे। वह कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान देते थे। एक बार किसी कार्यकर्ता से मिलते थे, तो उसको याद जरूर रखते थे। इतने बड़े स्तर के नेता होने के बाद भी प्रत्येक कार्यकर्ता के स्वाभिमान का ख्याल रखते थे।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मेरी गहरी मित्रता थी और उनके साथ मैंने क्रिकेट भी खेला है। हजकां-भाजपा गठबंधन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन से निश्चित तौर पर देश की राजनीति को आघात लगा है। परमात्मा उनके परिवार को दुख की इस घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करे।- कुलदीप बिश्नोई, विधायक, आदमपुर।

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पूर्व वित्तमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली के निधन से राष्ट्र को अपूर्णीय क्षति हुई है। मुश्किल समय में अरुण जेटली की सोच अद्भुत थी। नोटबंदी व जीएसटी जैसे अहम फैसले लेने में उनका अहम योगदान रहा। वो कानून के बड़े जानकार थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले अरुण जेटली भारतीय राजनीति के शिखर पर पहुंचने में सफल रहे। - डॉ. कमल गुप्ता, विधायक, हिसार।
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