सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि नीतिगत निर्णय के तहत जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा। दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा संयुक्त कर्मचारी संघ, चंडीगढ़-पंचकूला निदेशालय कर्मचारी तालमेल कमेटी, शिक्षा विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी व शिक्षकों के लगभग सभी संगठनों ने सोमवार को पूरी ताकत लगा दी।
करीब 500 टीमों ने सभी विभागों के कर्मचारियों से संपर्क स्थापित करने के लिए गेट मीटिंग का आयोजन किया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फोगाट, हरियाणा संयुक्त कर्मचारी संघ के महासचिव शिव कुमार पराशर, निदेशालय कर्मचारी तालमेल कमेटी के अध्यक्ष विजय जौली, बिजली यूनियन के प्रधान सुरेश राठी, नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह डंगवाल, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव जग रोशन, हुड्डा कर्मचारी यूनियन के नेता बिजेंद्र चहल, सतपाल कुंडू, हरियाणा मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप गुलियां, हेमसा के प्रधान संदीप सांगवान, वीएलडीए एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र बेनिवाल, हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ के प्रधान मित्र पाल राणा ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने हड़ताल को विफल बनाने के लिए कोई दमनात्मक कार्रवाई की गई कर्मचारी कठोर निर्णय लेने पर मजबूर होंगे।
कर्मचारी शहरों एवं कस्बों में करेंगे प्रदर्शन
सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल कर अपने कार्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद सभी विभागों के कर्मचारी जिला एवं खंड स्तर पर एकत्रित होंगे। शहरों एवं कस्बों में निजीकरण की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रधान बसाऊ राम, राज्य महासचिव विनोद कुमार ने भी हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है। यूनियन नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। ग्रामीण सफाई कर्मी अपनी विभागीय मांगों को लेकर 15 नवंबर को जिलास्तरीय प्रदर्शन करते हुए बेमियादी आंदोलन की घोषणा करेंगे।