2 नवंबर को कमेटी ने हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए हड़ताल खत्म की थी। 14 नवंबर को हाईकोर्ट में फिर मामले की सुनवाई है। इसमें परिवहन विभाग की ओर से अगर स्कीम रद्द करने का हलफनामा न दिया गया तो कमेटी सदस्य अपने निर्णय से हाईकोर्ट को अवगत करा देंगे।
विभाग कर रहा हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना
तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, अनूप सहरावत, जयभगवान कादियान, बाबूलाल यादव, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल, सुल्तान सिंह व नसीब जाखड़ ने कहा कि 190 स्टैंडर्ड नॉन एसी बसों को किलोमीटर स्कीम पर हायर करने का टेंडर जारी कर परिवहन विभाग ने उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना की है।
रोडवेज कर्मचारी किसी सूरत में किलोमीटर स्कीम को बर्दाश्त नहीं करेंगे। 14 नवंबर को दोनों पक्षों को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को वेतन जारी न कर भी हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना की है। 12 नवंबर को बातचीत में किलोमीटर स्कीम को रद्द नहीं किया गया तो कर्मचारी एक बार फिर बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।