हरियाणा बिजली मंत्री रणजीत सिंह।
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हरियाणा में बढ़ते बिजली संकट पर बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने दावा किया है कि प्रदेश में बिजली की किल्लत नहीं रहने दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार तमाम तैयारियां कर रही हैं। अगले दस दिन में ही लगभग 1500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
बिजली मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम मांग 12125 मेगावाट प्रतिदिन थी। इस वर्ष पीक समय में लगभग 15000 मेगावाट की रहने का अनुमान है। इस 2500 से 3000 मेगावाट के अंतराल को पाटने के लिए बिजली निगमों ने पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं। वर्तमान में पानीपत में 250-250 मेगावाट की तीन इकाइयां, खेदड़ में 600 मेगावाट की एक और यमुनानगर में 300-300 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इसके अलावा, अडानी पावर से 1400 मेगावाट का करार है। अडानी से 1000 मेगावाट, छत्तीसगढ़ से 350 मेगावाट व मध्य प्रदेश से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ली जाएगी।
समय से पहले गर्मी से बढ़ी बिजली की मांग
बिजली मंत्री ने कहा कि आमतौर पर हरियाणा में गर्मी का पीक समय 15 जून से माना जाता है और जून व जुलाई में बिजली की अधिक मांग होती है। यदि हम पिछले 15 वर्ष की तुलना करें तो इस बार अप्रैल में ही गर्मी तेज हो गई है, इसलिए बिजली की मांग बढ़ी है। जगमग योजना के तहत प्रदेश के 6503 गांवों में से लगभग 5600 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा, दिल्ली से उद्योग हरियाणा में शिफ्ट होने से भी बिजली की खपत बढ़ी है।
बिजली निगम दो हजार करोड़ के मुनाफे में
बिजली मंत्री ने कहा कि पहले लाइनलॉस 37 प्रतिशत था, उसे अब 13.4 प्रतिशत तक लाया गया है। कांग्रेस के समय बिजली निगमों का घाटा लगभग 37,000 करोड़ रुपये था, उसकी भरपाई की गई है और बिजली निगम पहली बार लगभग 2000 करोड़ रुपये के मुनाफे में है। पीक सीजन में अगर बिजली महंगी मिली तो भी खरीदेंगे और उपभोक्ताओं को दिक्कत नहीं आने देंगे।