उन्होंने बताया कि 31 मार्च 2019 तक के बकायेदार किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को राहत देते हुए कनेक्टेड और डिस्कनेक्टेड उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल जुर्माना माफी योजना सितंबर, 2019 में शुरू की गई थी। 31 मार्च 2019 तक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 1 लाख 42 हजार से अधिक कृषि उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबित थे, जिनमें से 49 हजार 638 उपभोक्ता योजना में शामिल हो चुके हैं।
इसी तरह, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंतर्गत 1 लाख 12 हजार से अधिक कृषि उपभोक्ताओं के बिजली बिल लंबित थे, जिनमें से 37 हजार 982 उपभोक्ता योजना में शामिल हो चुके हैं। इस प्रकार अब तक लगभग 34 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बिल सरचार्ज माफी योजना का लाभ उठाया है और कुल बकाया राशि की 35 प्रतिशत राशि का निपटान किया गया है।
बिल जमा न करवाने के कारण जिन किसानों का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है, वे भी इस योजना का लाभ उठा पाएंगे। जिन किसानों का ट्यूबवेल कनेक्शन बीते दो साल में कटा है, उनका कनेक्शन बिना जुर्माने के सिर्फ बकाया मूल राशि जमा करवाने व निगम द्वारा निर्धारित री-कनेक्शन फीस जमा करवाने पर चालू कर दिया जाएगा।
वहीं, दो साल से भी पुराने कटे हुए कनेक्शनों की बकाया मूल राशि जमा करवाने पर किसान नए कनेक्शन के लिए भी आवेदन कर पाएंगे। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के बकाया बिल संबंधी मामले कोर्ट में लंबित हैं, वे भी अपना केस वापस लेकर सिर्फ मूल राशि जमा करवाकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
30 हजार कैदियों से खेती की योजना
बिजली के साथ-साथ जेल विभाग के मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसी एक जेल में हाई-सेंसिटीविटी सेंसर लगाए जाएंगे। ओपन एयर जेल के बारे में उन्होंने कहा कि यह परिकल्पना राजस्थान जैसे राज्यों में ज्यादा कामयाब है क्योंकि वहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, जबकि पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में जमीन काफी कम है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश की जेलों में लगभग 30 हजार कैदी हैं, जिनसे खाली जमीन पर खेती करवाने की योजना है।