प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि जब तक अधिकारी ही साइकिल नहीं चलाएंगे, तब तक क्या कमी है यह पता ही नहीं चलता है। कमी पता होगी, तभी उसे दूर किया जा सकेगा। बदनौर ने कहा कि वह आगे भी कुछ दिन साइकिल से दफ्तर पहुंचेंगे। किसी शहर के अंदर चंडीगढ़ जैसे साइकिल ट्रैक नहीं हैं।
साइकिल चलाने से स्वास्थ्य तो बना ही रहेगा। इसके साथ ही ट्रैफिक, प्रदूषण आदि से भी शहर को मुक्ति मिलेगी। चंडीगढ़ में ट्रैफिक की समस्या बढ़ रही है। अगर शहरवासी साइकिल की तरफ बढ़ेंगे तो यह समस्या भी दूर हो जाएगी, इसलिए ही प्रशासन ने सोचा कि सभी अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचेंगे।
स्कूल के दिन याद आ गए: मनोज परिदा
साइकिल चलाने के बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि बुधवार को साइकिल चलाने के बाद उन्हें स्कूल के दिन याद आ गए। ऐसे ही जब भी बारिश होती थी तो वह भीगते हुए साइकिल पर स्कूल जाया करते थे। अभी वह साइकिल से दफ्तर पहुंचे हैं। यहां काम करने के लिए आए हैं लेकिन माहौल वैसा ही कुछ है।
अफसर साइकिल पर, साथ-साथ चलती रहीं कारें
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर समेत सभी अधिकारी पंजाब राजभवन में एकत्रित हुए। वहां से सभी एक साल साइकिल पर यूटी सचिवालय के लिए निकले। सभी अधिकारी विज्ञान पथ से होते हुए सचिवालय पहुंचे। सुबह से ही कर्मचारी ट्रैक के आसपास के घास को काटते दिखाई दिए। इस दौरान प्रशासक को टूटी हुई सड़कों पर से भी गुजरना पड़ा। प्रशासक व अधिकारी साइकिल पर चलते रहे लेकिन साथ में सभी अधिकारियों की गाड़ियां भी सड़क पर साथ-साथ चलती नजर आई।