हरियाणा सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती बोर्ड खारिज करने के बाद अब पुलिस भरती बोर्ड को भी भंग किए जाने की तैयारी हो गई है। जल्दी ही सरकार इस संबंध में फैसले का ऐलान कर देगी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने यह मान लिया है कि प्रदेश में सभी तरह की भर्ती प्रक्रिया के लिए कर्मचारी चयन आयोग सक्षम है। भविष्य में सभी तरह की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से ही करवाई जाएंगी।
इस संबंध में सरकार की ओर से कानूनी राय भी ली गई है। पुलिस भर्ती में सरकार पहले से ही इंटरव्यू पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का फैसला ले चुकी है। सरकार को जल्द ही पुलिस भर्ती भी करनी होगी क्योंकि हर जिले में पुलिस स्टाफ में भारी कमी है।
नए चेयरमैन और सदस्यों के नामों पर चर्चा शुरू
हरियाणा सरकार ने 25 अक्तूबर की कैबिनट की बैठक में शिक्षक भर्ती बोर्ड निरस्त करने के साथ साथ पिछली सरकार में नियुक्त हुए कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को भी हटाने का फैसला लिया था। ऐसे में सरकार ने नए चेयरमैन और सदस्यों के नामों पर भी चर्चा शुरू कर दी है। इस माह के अंत तक नए चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
आपराधिक मामले दर्ज करने की तैयारी
प्रदेश सरकार ने बोर्ड के ऐसे अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली है, जिन्होंने गलत तरीके से शिक्षकों की भर्ती की है। खट्टर शिक्षक भर्ती बोर्ड ने जिन शिक्षकों की भर्ती की थी, उनकी भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली है।
कालेजियम के माध्यम से सदस्यों का नाम होगा तय
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कालेजियम के माध्यम से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की सरकार को सिफारिश देने के लिये शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को इसका सदस्य मनोनीत किया है। कालेजियम के अन्य सदस्यों में मुख्य सचिव, विधि परामर्शी तथा विधि विभाग के प्रशासनिक सचिव शामिल होंगे।
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कर्मचारी चयन आयोग भर्ती करने में सक्षम है। भविष्य में बहुत अधिक संख्या में भर्ती शुरू होने जा रही है। भर्ती के लिए किसी भी तरह के बोर्ड की जरूरत नहीं है। पिछली सरकार के दौरान भर्ती में कई तरह की धांधली हुई है।
राम बिलास शर्मा, शिक्षा एवं परिवहन मंत्री