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आपत्तिजनक टिप्पणी मामला: हरियाणा पुलिस ने युवराज को बताया दोषी, कहा-गूगल ने भी उनकी टिप्पणी को बताया गलत 

Wed, 28 Apr 2021 07:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने क्रिकेटर युवराज सिंह पर किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक जारी रखने का आदेश दिया है।
 
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युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अनुसूचित जाति वर्ग पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज एफआईआर मामले में अभी तक की जांच में हरियाणा पुलिस ने युवराज सिंह को दोषी पाया है। हरियाणा पुलिस ने कहा कि यदि गूगल भी किया जाए तो भी वह यही बताता है कि युवराज द्वारा इस्तेमाल शब्द अनुसूचित जाति वर्ग के लिए अपमानजनक हैं। बुधवार को हरियाणा सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने क्रिकेटर युवराज सिंह पर किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक जारी रखने का आदेश दिया है।

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याचिका दाखिल करते हुए युवराज सिंह ने बताया था कि 1 अप्रैल 2020 को वह सोशल मीडिया पर अपने साथी रोहित शर्मा के साथ लाइव चैट कर रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन को लेकर चर्चा के दौरान उन्होंने मजाक में अपने साथी यजुवेंद्र सिंह और कुलदीप यादव को कुछ शब्द कह दिए थे। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया। इसके साथ यह संदेश जोड़ा गया कि यह अनुसूचित जाति वर्ग का अपमान है। यह सब एक मजाक का हिस्सा था और इसका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। 

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हाईकोर्ट ने कहा था, मशहूर लोगों को ऐसी बातों से बचना चाहिए

युवराज सिंह ने कहा कि वह शब्द उन्होंने अपने दोस्त के पिता के शादी में नाचने पर टिप्पणी के रूप में कहे थे जो मजाकिया अंदाज में थे। इस स्पष्टीकरण के बावजूद याची पर एफआईआर दर्ज की गई। युवराज को अंतरिम जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लोगों को ऐसी बातें करने से बचना चाहिए जिसका कोई गलत मतलब निकले। यह बात मशहूर लोगों के मामले में ज्यादा लागू होनी चाहिए। 

पुलिस ने कराया सर्वे
बुधवार को मामला जब सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचा तो हरियाणा पुलिस की ओर से बताया गया कि युवराज सिंह जांच में शामिल हो चुके हैं। अभी तक की जांच में  एक सर्वे करवाया गया था कि युवराज द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द के क्या मायने हैं । स्थानीय लोगों के बीच इस सर्वे से सामने आया कि इसे अनुसूचित जाति के लोगों के लिए अपमानजनक शब्द के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने दलील दी कि गूगल का भी कहना है कि यह सब अनुसूचित जाति वर्ग के लिए  अपमानजनक टिप्पणी के रूप में इस्तेमाल होता है । पुलिस ने युवराज की इस दलील को भी खारिज किया कि  युवराज ने भांग पीने वालों के लिए इस शब्द का उपयोग किया था। इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी रखते हुए याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
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