चंडीगढ़। सीआईएसएफ जवान की अगस्त 2016 में पानीपत से लापता हुई बेटी को हरियाणा पुलिस नौ साल में नहीं ढूंढ पाई। युवती की मां ने सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है।
हाईकोर्ट के आदेशों पर अब लापता हुई युवती की जांच का जिम्मा चंडीगढ़ सीबीआई को दिया गया है। सीबीआई ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर पानीपत पुलिस से रिकॉर्ड तलब किया है। पुलिस को दी शिकायत में कांता देवी ने बताया कि सीआईएसएफ जवान उनके पति पश्चिम बंगाल में तैनात हैं।
उनकी बेटी अनु कुमारी (20) 8 सितंबर 2016 को एनएफएल हाउस नंबर ए-359 से विशाल की दुकान पर सिले हुए कपड़े लेने के लिए गई थी और घर नहीं लौटी। उसने बेटी का पता लगाने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन पता नहीं चल सका। पुलिस चौकी में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी 365 के तहत केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने उनकी बेटी को ढूंढने का प्रयास नहीं किया। हालांकि परिजनों ने कुछ युवकों पर शक जताया और पुलिस ने उनकी कॉल डिटेल भी खंगाली, जिसमें लापता युवती की लगातार दो युवकों से बातचीत हो रही थी। पूछताछ में उन युवकों से भी युवती के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
लंबे समय से बेटी को ढूंढ रहे परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच करवाने के लिए आवेदन दायर किया। हालांकि पुलिस ने हाईकोर्ट में जवाब दिया कि यह प्रेम प्रसंग का मामला था और उन्होंने स्तर पर आसपास के राज्यों में भी युवती को तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका।
सभी पक्षों की दलीलें व दस्तावेजों के आधार पर हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई को जांच करने के आदेश दिए। सीबीआई ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की धारा के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।