आरोपियों के खातों से बड़ी रकम का लेनदेन
आरोपियों ने इससे पहले भी कई राज्यों में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। जांच में आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों से बड़ी-बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी मिली है। इसके अलावा आरोपी विष्णु के खिलाफ एक मुकदमा करनाल में भी दर्ज है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर उन्होंने ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।
कोई भी व्यक्ति आपको सरकारी नौकरी का प्रलोभन देता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं और पुलिस को बताएं। सरकारी या गैर-सरकारी विभाग से संबंधित नौकरी का नोटिस अधिकृत वेबसाइट पर ही देखें। ऑफर लेटर अन-ऑफिशियल ईमेल आईडी से आए तो सतर्क हो जाएं। सभी सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पारदर्शी है और ऑनलाइन है। -ओपी सिंह, एडीजीपी, अपराध।
फर्जी स्टांप और फर्जी वेबसाइट से करते थे धोखाधड़ी
आरोपियों ने सरकारी विभागों की फर्जी स्टांप, फर्जी लेटर पैड, फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। इनकी सहायता से आरोपी पीड़ितों को विश्वास दिलाते थे कि उनकी नौकरी लग गई है। आरोपी केंद्र सरकार के आयकर विभाग, एफसीआई, मिलिट्री विभाग, सीआरपीएफ, आरपीएफ, रेलवे, सीआईएसएफ, बैंक, और यूपी पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगवाने का लालच देते थे।
भिवानी निवासी रविंद्र, विक्रम व प्रदीप ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्होंने एफसीआई में गोदाम अटेंडेंट के पद पर भर्ती के लिए आवेदन किया था। उनसे नौकरी दिलवाने के नाम पर सिक्योरिटी राशि की मांग की गई। तीनों से प्रति व्यक्ति साढ़े पांच लाख रुपये लिए। इसके बाद उन्हें अप्वाइंटमेंट लेटर दिए गए और उसके बाद पंजाब के फिरोजपुर में ट्रेनिंग करवाई गई और पहचान पत्र भी जारी किए गए। जब तीन माह तक वेतन नहीं मिला तो ठगी का अहसास हुआ।
राज्य अपराध शाखा ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपी दीपक राठी, विष्णु चौहान, राहुल, विमल कुमार और मोहम्मद शोएब के पास से मिले पेन ड्राइव व कंप्यूटर में पुलिस को केंद्र सरकार के फर्जी स्टांप, लेटर पैड, फर्जी हस्ताक्षर प्राप्त हुए। आरोपियों के पास फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया की सरकारी वेबसाइट से मिलते-जुलते वेबसाइट का लिंक और ईमेल आईडी भी मिली। इसी ईमेल आईडी से फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर पीड़ितों को भेजा गया था।
15 साल से गांव नहीं गया विष्णु, माता-पिता का हो चुका है देहांत
रोहतक के कटेसरा गांव के सरपंच धर्म सिंह ने बताया कि ठगी के आरोप में पकड़ा गया विष्णु चौहान 15 साल से गांव नहीं आया है। उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। उसके दो भाई भी अब गांव में नहीं रहते। ग्रामीणों को उसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।
आरोपियों के खातों से बड़ी रकम का लेनदेन
आरोपियों ने इससे पहले भी कई राज्यों में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। जांच में आरोपियों के अलग-अलग बैंक खातों से बड़ी-बड़ी रकम के लेनदेन की जानकारी मिली है। इसके अलावा आरोपी विष्णु के खिलाफ एक मुकदमा करनाल में भी दर्ज है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर उन्होंने ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।