जजपा की टिकट पर कलायत से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सतविंद्र राणा को शराब घोटाले से जुड़े मामले में हरियाणा पुलिस ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ 28 अप्रैल को समालखा जिला पानीपत में एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस ने देर रात एमएलए हॉस्टल से राणा को गिरफ्तार किया है। राणा की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है।
विपक्षी दलों ने भी दी प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक जयप्रकाश ने कहा कि अवैध तौर पर नशा बेचना आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही घातक है। यदि उसमें राजनीतिक पार्टियां शामिल हो जाएं तो वह लोकतंत्र के लिए भी बेहद घातक है। जय प्रकाश ने कहा कि सतविंद्र राणा तो मात्र एक मोहरा है असली चेहरा तो अभी पर्दे के पीछे है। यदि स्पष्ट जांच हो तो प्रदेश में घटित हो रहे घोटालों के असली दोषी प्रदेश की जनता के सामने होंगे। जयप्रकाश ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि एक तो एक्साइज विभाग उनके पास दूसरा गिरफ्तार हुआ नेता उनकी पार्टी का उपाध्यक्ष। ऐसे में नैतिकता के आधार पर उप मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पूर्व विधायक सतविंदर राणा पहले कांग्रेस पार्टी में थे। 2019 विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। सतविंदर राणा कालका से भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। 2009 और 2014 में कालका से चुनाव लड़ा था। राणा कांग्रेस पार्टी में 2007-2014 में प्रदेश महासचिव रहे हैं। 1996 में तिवारी कांग्रेस और 2005 में कांग्रेस (आई) से राजौंद हलका से विधायक बने।
राजौंद से 1991 और 2000 में भी चुनाव लड़ा था। सतविंदर राणा मूलरूप से कैथल के गांव राजौंद के रहने वाले हैं। राजौंद पहले जींद जिले में था, परिसीमन के बाद कैथल में आ गया है। पिछले परिसीमन में राजौंद हलके को तोड़कर उसके गांवों को कलायत, असंध, जींद, सफीदों और उचाना हलकों में शामिल किया गया था।
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