हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले के मामले में एसईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। शराब गोदामों की फिजिकल वेरिफिकेशन के अलावा एसईटी इस घोटाले में बहुत कुछ सामने नहीं ला पाई है। पांच बार पत्र लिखने के बावजूद एसईटी को आबकारी विभाग से जो जानकारी चाहिए थी वह नहीं मिली है। गृह मंत्री अनिल विज को सौंपी 15 किलो की जांच रिपोर्ट में एसईटी ने आंकड़ों की ही बाजीगरी की है।
अनिल विज अभी इस जांच रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं। अभी तक एसईटी की जांच पर चुप्पी साधे बैठे अनिल विज शुरू से यह कहते आए हैं कि वे जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहेंगे लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद विज ने भी चुप्पी साध ली है। दिन भर वे मीडिया से यही कहते रहे कि जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहेंगे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एसईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में शराब के गोदामों की फिजिकल वेरिफिकेशन के अलावा आबकारी विभाग द्वारा सहयोग न किए जाने का भी जिक्र किया है। अब दायरे की बेड़ियों में जकड़ी एसईटी को विज का सहारा है। एसईटी अपनी रिपोर्ट में जो कुछ कहना चाह रही थी कह चुकी है। ऐसे में आधी-अधूरी जांच को विज कितना पसंद करेंगे यह उनके ऊपर है। अनिल विज ने एसईटी को शक्तियां दिलवाने के लिए अथक प्रयास किए थे लेकिन एसईटी को शक्तियां नहीं मिल पाई थीं। अंतत: थक कर एसईटी को अपने दायरे में रह कर ही जांच करनी पड़ी।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पहले ही कह चुके हैं कि एसईटी को जो जानकारी चाहिए थी वह मुहैया करवा दी गई है। उसके आगे जो कागजात एसईटी मांगने का प्रयास कर रही है। वह एसईटी के दायरे से बाहर है। जो जानकारियां एसईटी के लिए आवश्यक थीं। वह जानकारियां एसईटी को दी जा चुकी हैं।