पानीपत में पूर्व पार्षद हरीश शर्मा आत्महत्या मामले में जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच पूरी होने से पहले ही यहां की एसपी मनीषा चौधरी को रिलीव करने के गृह मंत्री अनिल विज ने आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है कि जांच किसी तरह से प्रभावित न हो। विज के पास यह जानकारी आई थी कि एसपी की मौजूदगी में यह जांच प्रभावित हो सकती है, जिसके बाद यह आदेश दिए गए हैं।
उधर, इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए है। इसमें थाने से लेकर आस-पास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा सभी आरोपियों के बयान लिए जा रहे हैं। एसआईटी का तर्क है कि जांच में समय लगेगा।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए अनिल विज शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए खुद जाएंगे। पूर्व पार्षद की किरया पानीपत में 29 नवंबर को रखी गई है, जिसमें गृह मंत्री अनिल विज जाकर परिवार को सांत्वना देंगे। मालूम हो कि पूर्व पार्षद हरीश शर्मा आत्महत्या मामले में उनकी पार्षद बेटी ने पानीपत की पुलिस अधीक्षक समेत दो अन्य पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप जड़ते हुए उन्हें आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री ने भी इसकी जांच के लिए एडीजीपी संदीप खिरवार की अध्यक्षता में तीन आईपीएस अफसरों की एसआईटी गठित की थी। एसआईटी को रविवार जांच रिपोर्ट विज को सौंपनी थी लेकिन एसआईटी अभी तक इस मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
चंडीगढ़ ज्वाइन करेंगी मनीषा चौधरी
पानीपत की एसपी मनीषा चौधरी पर इस मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाए हैं। इसके आधार पर ही एसआईटी जांच कर रही है। इस बीच पानीपत की एसपी का डेपुटेशन चंडीगढ़ पुलिस में हो चुका है। वे चंडीगढ़ में बतौर ट्रैफिक एसपी ज्वाइन करेंगी। उनकी ज्वाइनिंग के बीच में ही यह मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद आज यह आदेश जारी किए गए हैं। अब शीघ्र ही मनीषा चौधरी चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस में अपनी सेवाएं देंगी लेकिन इस मामले में जांच में उन्हें सहयोग करना होगा।