हरियाणा के सरकारी, निजी स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार छुट्टियां बढ़ाने की तैयारी में है। 28 नवंबर को इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने शनिवार को फैसला लिए जाने की बात कही है।
कोरोना से बच्चों के संक्रमित होने के कारण 30 नवंबर तक स्कूलों में छुट्टियां हैं। कोई भी स्कूल नहीं खुल रहा। 1 दिसंबर से नौवीं से बारहवीं व अन्य कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने हैं या नहीं, इसे लेकर शिक्षा निदेशालय ने सरकार को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं। निदेशालय ने सभी जिलों में तैनात अधिकारियों से भी स्कूल खोलने को लेकर रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें छुट्टियां बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
शिक्षा निदेशालय के पत्र पर स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हरकत में आ गए हैं। उन्होंने निदेशालय के मार्गदर्शन मांगने के बारे में शिक्षा मंत्री कंवर पाल को बता दिया है। शनिवार को शिक्षा मंत्री बैठक कर सभी उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श कर छुट्टियां बढ़ाने या स्कूल खोलने को लेकर फैसला लेंगे। कंवर पाल का कहना है कि अभी चर्चा चल रही है। 28 नवंबर को स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
2 नवंबर से स्कूल बुलाए गए थे विद्यार्थी
प्रदेश में 2 नवंबर, 2020 से नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को बुलाया गया था। पहले दिन जहां 75 हजार 683 विद्यार्थी आए, वहीं 6 नवंबर को इनकी संख्या एक लाख 26 हजार 56 तक पहुंच गई। 18 नवंबर को प्रदेश के स्कूलों में एक लाख 56 हजार 342 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।
विद्यार्थियों की इस उपस्थिति के साथ-साथ कोरोना के मामले भी बढ़ने लगे। इसके चलते सरकार ने 20 नवंबर को दोबारा स्कूल बंद कर दिए। लगभग पौने दो सौ बच्चों को कोरोना होने की पुष्टि खुद सरकार ने की है। सरकार का मानना है कि ये बच्चे पहले से संक्रमित थे, स्कूल आकर नहीं हुए। स्कूल में जांच के बाद इनके संक्रमित होने का पता चला।
निदेशालय ने अन्य राज्यों में 31 दिसंबर तक छुट्टियां होने का दिया तर्क
शिक्षा निदेशालय ने सरकार को लिखे पत्र में तर्क दिया है कि कोरोना के केस बढ़ने के कारण दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सरीखे राज्य 31 दिसंबर तक स्कूलों में छुट्टियां कर चुके हैं। हरियाणा में भी रोजाना 2000 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए सरकार फिर से स्कूल खोलने को लेकर उचित दिशा-निर्देश जारी करे ताकि उसी अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों को अगले आदेश जारी किए जा सकें।