उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के अनुसार राष्ट्रीय राजनधानी दिल्ली के निकट होने के चलते यहां केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस के दोनों तरफ खाली जमीनों पर नई इंडस्ट्री लगने की काफी संभावना है। इसके अलावा प्रदेश सरकार खाली पंचायती जमीनों को नए उद्योग लगाने के लिए पट्टे पर देने का प्रस्ताव तैयार कर रही है।
विभिन्न स्थानों पर छोटे उद्योगों के कलस्टर तैयार किए गए हैं। चीन में स्थापित 60 से ज्यादा कंपनियों ने हरियाणा में निवेश की इच्छा जताई है। ऐसे में मौजूदा वित्त वर्ष और आने वाले वर्षों में हरियाणा की रैकिंग में सुधार तय होना तय है।
सरकार बदले हुए मानकों की स्टडी कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम उद्योगपतियों के हितों से किसी तरह का कोई समझौता करने वाले नहीं हैं। हम उन्हें जितनी सुविधाएं दे रहे हैं, उससे कहीं अधिक सुविधाएं बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से भी निर्देश हैं कि उद्योगपतियों को तमाम राहत दी जाएं। वह खुद भी इसके पूरी तरह से पक्ष में हैं।
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