फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा :  टीकाकरण में पिछड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स, वैक्सीन की भी रही किल्लत

Mon, 28 Jun 2021 02:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा सोमदत्त शर्मा, चंडीगढ़

सार

  • पांच माह में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी नहीं ले पाए दोनों खुराक
  • स्वास्थ्य विभाग के 85 प्रतिशत पहली और 60 प्रतिशत ही ले पाए दूसरी खुराक
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना महामारी से बचाव के लिए प्रदेश की जनता को टीकाकरण कर सुरक्षा कवच देने में जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी खुद वैक्सीनेशन में पीछे हैं। पांच माह बाद भीविभाग के 85 प्रतिशत डॉक्टर, नर्स समेत अन्य कर्मचारियों को पहली ही डोज दी गई है, जबकि दूसरी डोज करीब 60 प्रतिशत स्टाफ ही ले पाया है।

विज्ञापन


आंकड़ों के मुताबिक करीब 4.50 लाख कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर्स माना गया। इनमें स्वास्थ्य, पुलिस, सफाई कर्मी, बिजली, पंचायती राज और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। प्रदेश में कुल दो लाख स्वास्थ्य कर्मी हैं। हरियाणा में वैक्सीनेशन का कार्य 16 जनवरी से शुरू हुआ था। करीब 1.70 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को ही पहला इंजेक्शन ले चुके हैं, जबकि 1.2 लाख कर्मचारियों को ही दोनों खुराक के इंजेक्शन लगे हैं। 

पुलिसकर्मी 90 प्रतिशत से अधिक ले चुके वैक्सीन
कोरोनारोधी वैक्सीन लेने में पुलिस कर्मचारी आगे हैं। प्रदेश में कुल 60 हजार के करीब जवान हैं। इनमें एसपीओ और होम गार्ड के जवान भी शामिल हैं। 90 प्रतिशत से अधिक यानी 54 हजार जवान पहली डोज ले चुके हैं, जबकि 65 प्रतिशत यानी 39 हजार को दोनों खुराक लग चुकी है। इसी प्रकार, बिजली निगमों के 35 हजार से अधिक कर्मियों में से आधे से अधिक कर्मियों का टीकाकरण हो चुका है।
विज्ञापन


जान गंवा चुके फ्रंटलाइन वर्कर्स
कोरोना के खिलाफ जंग में कई फ्रंटलाइन वर्कर्स भी अपनी जान गंवा चुके हैं। आईएमए के दावे के अनुसार, हरियाणा में कोरोना से छह डाक्टरों समेत 50 हेल्थ वर्कर की मौत हो चुकी है। वहीं, पुलिस की बात करें तो अब तक 6547 कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए। इनमें से 6480 ठीक हुए, जबकि 45 पुलिसकर्मी जान गवां चुके हैं। करीब 900 बिजली कर्मी संक्रमित हुए, जबकि 43 की जान गई।

बीच में नहीं मिले स्लॉट, दवा की भी रही कमी
दवा की कमी के चलते फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन प्रभावित हुआ है। कोरोना केपीक के समय अप्रैल और मई माह में वैक्सीन की कमी रही। इस कारण कर्मचारियों को दूसरे इंजेक्शन के लिए स्लाट ही नहीं मिला। दूसरा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार दो डोज के बीच 8-12 सप्ताह का अंतराल केकारण भी कर्मचारियों को दूसरी डोज के लिए इंतजार करना पड़ा। बता दें कि अभी तक प्रदेश में 84 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें से 7163699 को पहली और 1306814 दोनों खुराक ले चुके हैं। 

एमडी ने दिए तेजी लाने के निर्देश
एनएचएम के एमडी प्रभतोत सिंह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लेकर प्रदेश के सभी सीएमओ को तेजी लाने के निर्देश दे चुके हैं। आनलाइन बैठक में एमडी की ओर से कहा गया है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण में तेजी लाई जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें