अंबाला के इतिहास की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के पहले प्लान की बात रही हो या फिर कांग्रेस शासनकाल की 1985 से वर्तमान समय तक किसी भी सीएमओ को अंबाला में सस्पेंड नहीं किया गया। ऐसे में हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर वह क्या कारण रहे कि डीजी हेल्थ को डॉक्टर गोबिंद राम को सस्पेंड करने के आर्डर जारी करने पड़े।
5 दिन पहले मोंगा अस्पताल से करवाया था पथरी का ऑपरेशन
डॉ. गोबिंद राम गुप्ता ने करीब 5 दिन पहले ही अंबाला शहर स्थित मोंगा अस्पताल से पथरी का ऑपरेशन भी करवाया था। इसके बाद एक दो दिन वह रेस्ट पर रहे लेकिन अब काम पर आए थे। ऐसे में उनकी अचानक सस्पेंशन से सभी सकते में थे।
वीआरएस के लिए कर चुके थे आवेदन
डॉ. गोबिंद राम गुप्ता स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए भी आवेदन कर चुके थे। माना जा रहा था कि एक माह के भीतर उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिलने वाली थी। लेकिन इसी वीआरएस मिलने से पहले ही उन पर यह कार्रवाई हो गई।