हरियाणा राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार समारोह का आयोजन
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विस्तार करने के बाद नए मंत्रियों को विभाग देने में मुख्यमंत्री खट्टर की काफी फजीहत हुई। यहां तक कि एक मंत्री ने इस्तीफ की धमकी दे डाली। ऐसे में सरकार को तलवार की धार पर चल कर विभागों में कटौती करने का निर्णय लेना पड़ा है। प्रदेश सरकार के मंत्रियों के अड़ने के बाद खुद मुख्यमंत्री को अपने विभागों को देने केलिए आगे आना पड़ा है। सरकार के एक मंत्री ने तो हरियाणा प्रभारी के सामने इस्तीफे की धमकी तक दे डाली।
मंत्रालय वापस लिए जाने के मुद्दे पर ज्यादा हंगामा न हो इसके लिए सीएम ने खुद एक कदम आगे बढ़ कर सबसे पहले अपने विभाग छोड़े। विभागों में फेरबदल को लेकर शुक्रवार को पूरी रात हैवीवेट मंत्री अपने-अपने तरीके से दबाव बनाते रहे। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने नए विभागों का आबंटन करते समय इस बात का पूरा ध्यान रखना पड़ा कि कोई भी मंत्री सरकार के नए फेरबदल से नाराज न हो। मंत्रियों को विभाग आबंटित करते समय जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों का भी पूरा ख्याल रखा गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा महकमे कैप्टन अभिमन्यु को गंवाने पड़े हैं। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में फॅारेस्ट और आईटीआई लिया था। जबकि उद्योग वाणिज्य श्रम एवं रोजगार और पर्यावरण जैसे महकमें वर्तमान विस्तार में लिए गए हैं। उपरोक्त सभी महकमें ऐसे हैं जो एकसाथ होने जरूरी हैं। सूबे में उद्योग लगाने के लिए इन महकमों से एनओसी लेनी आवश्यक होती है। अब इन महकमों की कमान विपुल गोयल संभालेंगे।
अनिल विज के साथ रहेंगे खेमका और कासनी
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ अब आईएएस अशोक खेमका और प्रदीप कासनी दोनों रहेंगे। विज्ञान एवं तकनीक विभाग विज के पास आने के बाद दोनों अफसर अब विज के साथ बैठकों में दिखेंगे। वैसे भी इन दोनों अधिकारियों की पैरवी अनिल विज मुख्यमंत्री के सामने भी करते रहे हैं।