स्कूलों में दाखिले को लेकर पूछा गया सवाल सुनकर मंत्री महोदय पहले चुप हो गए, फिर भड़कते हुए ऐसा जवाब दिया कि सभी चौंक गए। दरअसल, हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा का कहना है कि शिक्षा व्यवसाय नहीं है।
निजी स्कूल अभिभावकों से मनमानी फीस न वसूलें। लेकिन जब 134-ए के तहत जानकारी न देने वाले आरएसएस से जुड़े और भाजपाइयों के स्कूलों की मनमानी पर उनसे पत्रकारों ने सवाल पूछा तो वह चुप्पी साध गए। फिर बोले क्या भाजपा कार्यकर्ताओं को रोटी कमाने का हक नहीं है।
वे शुक्रवार को हिसार हवाई पट्टी पर पहुंचे थे। शिक्षामंत्री ने कहा कि 134-ए के तहत बच्चों को दाखिला दिलाया जाएगा। इस बार किसी बच्चे के अभिभावकों को दिक्कत नहीं होने देंगे। निजी स्कूलों के साथ दो दौर की बैठक हो चुकी है। निजी स्कूलों से अनुरोध किया है कि ट्रांसपोर्ट के नाम, बिल्डिंग फंड के नाम, स्टेशनरी, ड्रेस के नाम पर ठगा न जाए।