उन्होंने कहा कि मैंने जांच में इसीलिए अशोक खेमका का नाम दिया है कि सभी संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारी बेनकाब हों। उन्होंने कहा कि अन्य दो अधिकारी भी जांच में सक्षम हैं, लेकिन खेमका के माध्यम से जांच हो जाए तो क्या बात है। विज ने यह भी कहा कि सीएम सुप्रीम हैं। उनकी पावर है कि वे जांच जिससे चाहें करवाएं। वे चाहें तो कोई अन्य अधिकारी नियुक्त कर दें।
विज ने बताया कि गोदामों से शराब चोरी मामले में आबकारी महकमे ने भी अपनी रपट दी है, जिसे संबंधित एफआईआर में शामिल कर दिया गया है। वहीं, अब एसआईटी जांच के लिए ईडी और इनकम टैक्स विभाग को भी लिखेगी। बता दें पुलिस ने शराब को खुर्दबुर्द करने के मामले में जांच के बाद दो थाना प्रभारियों समेत सात पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज किया था।
हरियाणा-चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस भी रही मौजूद
पुलिस को काफी देर तक भ्रम रहा कि जहां पर आरोपी छिपा है वह चंडीगढ़ का क्षेत्र है या फिर मोहाली का। देर रात यह पुख्ता हुआ कि चंडीगढ़ के सेक्टर-50 स्थित एक घर में आरोपी छिपा है। इसके बाद चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस को साथ में लेकर हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुझे एक अधिकारी ने बताया है कि भूपेंद्र सिंह का कई अधिकारियों के पास आना-जाना था। मैंने पुलिस से कहा था कि जैसे भी हो इसे पकड़ो। रेंज के आईजी ने पहले ही एक एसआईटी बना रखी है इसे पकड़ने के लिए। यह जल्द ही सभी के राज खोलेगा। - अनिल विज, गृह मंत्री