वाड्रा डीएलएफ लैंड डील को लेकर जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट से आईएएस अशोक खेमका नाखुश हैं। उन्होंने ट्वीट कर सवाल उठाए हैं। खेमका ने ट्वीट कर अदले का बदला(एवज) में कौन सा काम हुआ उस पर उंगली उठाई है।
उनके टवीट से साफ है कि इस डील के बदले में कौन सा काम हुआ यह गुत्थी सुलझनी जरूरी है। खेमका ने अपने टवीट में उसी भाषा का प्रयोग किया है जो भाजपा ने चुनाव से पहले दामाद श्री नाम की पुस्तक में किया था। स्वीटहार्ट डील और क्विड प्रो क्यू जैसे शब्द उसी किताब का हिस्सा हैं। इससे पहले किए गए टवीट में खेमका ने स्वीटहर्ट डील शब्द का प्रयोग किया था।
यह है ट्वीट
डील्स लाइक डीएलएफ स्काईलाइट आर क्विड क्यू प्रोआफ समथिंग एल्स, नॉट द अदर वे। द समथिंग एल्स मस्ट बी अनरेवल्ड
Deals like DLF-SKYLIGHT are quid quo pro of something else, not the other way. The something else must be unravelled.
— Ashok Khemka, IAS (@AshokKhemka_IAS) September 1, 2016
आलाकमान लेगा जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट पर फैसला
डीएलएफ वाड्रा लैंड डील पर जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
वाड्रा डीएलएफ लैंड डील को लेकर जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट हरियाणा सरकार के पास आने के बाद अब सरकार को आलाकमान के फैसले का इंतजार है। मामला बड़ा होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की इजाजत के बगैर रिपोर्ट सुर्खियों में लाने के लिए हरियाणा सरकार को पहले इजाजत लेनी होगी।
जस्टिस ढींगरा ने अपनी तय रणनीति के तहत जो मीडिया के सामने उजागर करना था वह कर दिया। फिलहाल हरियाणा में रिपोर्ट को लेकर दबाव की सियासत शुरू हो चुकी है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जहां इसे राजनीतिक दुर्भावना बताया है। वहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि दिक्कत है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं कांग्रेसी।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर अफसरशाही में मची खलबली
CM Khattar
- फोटो : Amar Ujala
इसके अलावा वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील पर जांच करने वाले जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की अफसरशाही में खलबली मच गई है। चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में दिनभर इसी रिपोर्ट को लेकर चर्चाओं तथा अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
अधिकारियों में इस रिपोर्ट के बाद संभावित कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। मालूम हो कि हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल में आईएएस अशोक खेमका ने सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा तथा डीएलएफ के बीच हुए कथित जमीन घोटाले को सार्वजनिक किया था।
सत्ता परिवर्तन के बाद चौतरफा घिरी हरियाणा सरकार ने वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील की जांच के लिए जस्टिस एसएन ढींगरा की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया था। जिसकी रिपोर्ट उजागर होने का पूरा देश शिद्दत से इंतजार कर रहा है।