हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका कैग की रिपोर्ट मीडिया में लीक होने पर सरकार के सामने सवाल खड़ा कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, खेमका इस मामले में पक्ष रखने का मौका दिए बिना तैयार की गई रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि खेमका ने मौजूदा कैग से गुजारिश की थी कि यदि स्पेशल ऑडिट में उनके खिलाफ कुछ तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे आने वाले दिनों में इस रिपोर्ट पर सरकार और खेमका के बीच खींचतान बढ़ सकती है।
हालांकि, यह रिपोर्ट हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एमडी रमेश कृष्ण के पास पहुंच चुकी है और वे इसका अध्ययन भी कर चुके हैं, लेकिन अभी उनकी ओर से इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
मालूम हो, कैग ने गैलवेल्यूम शीट के टेंडरों में अनियमितताएं पकड़ी हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास भेज दी गई है। मुख्य सचिव ने इस मामले में एमडी वेयरहाउसिंग से टिप्पणी मांगी है।
आरटीआई कार्यकर्ता रवींद्र कुमार की शिकायत पर कैग से स्पेशल ऑडिट कराया गया था। हालांकि, हरियाणा के महालेखा नियंत्रक ने पहले यह ऑडिट करने से मना कर दिया था।