अपनी नाकामी छिपा रही सरकार
सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। सदन में भी हमने मांग की थी कि नूंह हिंसा की न्यायिक जांच करवाएं, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि नूंह हिंसा एक सोची समझी साजिश है। गृह मंत्री कुछ और बयान देते हैं। यदि यह साजिश है तो इसकी हाईकोर्ट के जज से जांच करवाई जाए। - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष
नूंह विधायक बोले-सरकार फेल हुई
नूंह हिंसा के मामले में सरकार फेल है। हिंसा से पहले मैंने सरकार को बताया था कि माहौल खराब है। यदि समय रहते सरकार कदम उठाती तो नफरत की आग नहीं भड़कती। सरकार सदन में इस मामले पर चर्चा नहीं करना चाहती और वहीं सदन के बाहर जाकर मुख्यमंत्री व गृहमंत्री आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। हमने सदन में भी यह मांग उठाई थी कि नूंह हिंसा की जांच हाईकोर्ट के जज से करवानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
-चौधरी आफताब अहमद, नूंह विधायक व कांग्रेस विधायक दल उप नेता