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हरियाणा में प्रमोशन में रिजर्वेशन: एससी कर्मियों को मिलेगा लाभ, ए और बी कैटेगरी में होगा लागू

Mon, 28 Aug 2023 10:00 PM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ किया कि स्थानीय निकायों में वार्डबंदी का कार्य हरियाणा राज्य पिछड़ा आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किया जा रहा है। वार्डबंदी के लिए दो आधार माने गए हैं।  
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विधानसभा में सीएम मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में अब ग्राम पंचायतों के बाद शहरी स्थानीय निकाय संस्थाओं के चुनावों में भी बीसी (ए) वर्ग को आरक्षण देने का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन हरियाणा नगर निगम (संशोधन) और हरियाणा नगर पालिका (संशोधन) विधेयक को सदन ने पारित कर दिया। 68 निकाय संस्थाओं के चुनावों में भी इस आरक्षण का लाभ बीसी (ए) वर्ग को मिलेगा। 

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए ग्रुप ए और बी पदों के लिए पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण नीति लागू करने की घोषणा की है। इससे पहले, आरक्षण ग्रुप सी और डी तक सीमित था, ग्रुप ए और बी पदों को बिना किसी आरक्षण प्रावधान के छोड़ दिया गया था। आरक्षण व्यवस्था के प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रदेश सरकार रोस्टर तैयार कर रही है और आगामी एक सप्ताह में इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों का लाभ मिलेगा।

वार्डबंदी के लिए एफआईडीआर और मतदाता सूची को माना गया है आधार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साफ किया कि स्थानीय निकायों में वार्डबंदी का कार्य हरियाणा राज्य पिछड़ा आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किया जा रहा है। वार्डबंदी के लिए दो आधार माने गए हैं। निकायों में वार्डों की संख्या निमित करने के लिए फैमिली इनफार्मेशन डाटा रिपॉजिटरी (एफआईडीआर) या मतदाताओं की 140 प्रतिशतता अनुसार प्राप्त जनसंख्या, दोनों में से जो भी अधिक हो, को आधार माना जायेगा। इसके अलावा, वार्डों में जनसंख्या की भिन्नता को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है। चेयरमैन पद के लिए 8 प्रतिशत तक आरक्षण रहेगा, जबकि पार्षदों में यह जनसंख्या के आधार पर तय होगा।
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यूं मिलेगा बीसी ए को आरक्षण
जिले में एक निकाय में बीसी (ए) जनसंख्या की प्रतिशतता का 50 प्रतिशत आरक्षित की जाएगी। यदि 20 सीटें हैं तो 5 प्रतिशत जनसंख्या के हिसाब से बीसी (ए) के लिए एक सीट आरक्षित होगी। बीसी (ए) जनसंख्या 2 प्रतिशत होने पर भी म से कम एक सीट आरक्षित रखी जाएगी। पहले चेयरमैन का चुनाव पार्षद ही करते थे, इसलिए 2 सीटें आरक्षित की हुई थी। लेकिन अब चेयरमैन का चुनाव सीधा होता है, इसलिए बीसी (ए) जनसंख्या 2 प्रतिशत होने पर भी कम से कम एक सीट आरक्षित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में 6-7 सीटें ऐसी बच गई, जहां पर वार्ड बीसी (ए) का था, लेकिन बीसी (ए) का एक भी मतदाता नहीं था, इसलिए हमें उन सीटों पर उप चुनाव करवाने पड़े, जिसमें दूसरे वार्डों के लोगों ने चुनाव लड़ना पड़ा।

बीसी ए की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाई : मनोहर
मनोहर लाल ने कहा कि बीसी (ए) को आरक्षण देने का लक्ष्य इस वर्ग की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का है। सरकार ने पंचायत चुनावों में बीसी (ए) को आरक्षण दिया, हमारी इस पहल का समाज ने स्वागत किया है। अब निकाय संस्थाओं में भी इस वर्ग की भागीदारी तय की गई है।

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