हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को सिरसा और रेवाड़ी जिलों में स्थापित नई कोविड-19 (मॉलिक्यूलर) लैब का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उद्घाटन किया। इनके साथ ही प्रदेश में ऐसी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।
विज ने बताया कि राज्य में अब 14 सरकारी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में ऐसी कोविड-19 लैब स्थापित की जा चुकी हैं। जबकि प्रदेश के 9 निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में इस प्रकार की लैब स्थापित करने का लक्ष्य रखा हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रयोगशालाओं के शुरू होने से राज्य में कोविड-19 टेस्ट की क्षमता बढ़कर प्रतिदिन 20 हजार से अधिक हो जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में उनके पास कोरोना जांच की सुविधा नहीं थी बल्कि टेस्ट बाहर से करवाए जाते थे। परन्तु मात्र कुछ समय में ही राज्य के विभिन्न भागों में 23 लैब स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कुछ माह में सरकार ने कोरोना की जांच में विशेष बढ़ोतरी की है।
इसके तहत मार्च में मात्र 30 लोगों की प्रतिदिन जांच की जाती थी। जोकि अप्रैल में बढ़कर 880, मई में 2930, जून में 4980, जुलाई में 11238 तथा अगस्त में 15291 लोगों का प्रतिदिन टेस्ट किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि विभाग द्वारा ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, ट्रेस्टिंग तथा ट्रीटमेंट पर बल दिया जा रहा है ताकि निकट भविष्य में अधिक से अधिक लोगों की जांच तथा उपचार किया जा सके।
इसके साथ ही जींद, पानीपत, भिवानी और यमुनानगर में भी मॉलिक्यूलर लैब स्थापित करने का विचार है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, सोनीपत और हिसार में सबसे अधिक कोरोना की जांच की गई है। राज्य में करीब 9.45 लाख टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से 2.68 लाख रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए हैं तथा शेष आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाए गए हैं।