हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा के बाद 75 फीसदी अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य नौकरियों में भी उन्हें प्राथमिकता देने की योजनाएं बनेंगी। सीएम ने कहा कि अग्निवीरों को अच्छा पारिश्रमिक मिलेगा। पहले साल उन्हें 4.76 लाख रुपये दिए जाएंगे, जो बढ़कर 6.96 लाख रुपये हो जाएंगे। जब वह चार साल बाद वापस आएंगे तो उन्हें करीब 12 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्हें अन्य लाभ, भत्ते और बीमा भी मिलेगा।
हरियाणा में सेना में जाने को तैयार खड़ी बेरोजगार युवाओं की फौज
अग्निपथ भर्ती योजना में जाने के लिए हरियाणा के युवाओं की फौज तैयार खड़ी है। हरियाणा में हर साल सेना में भर्ती के लिए दो लाख से अधिक युवा तैयारी करते हैं। हालांकि, हर साल औसतन छह हजार के करीब युवा सेना में भर्ती होते रहे हैं। नई भर्ती योजना हरियाणा के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी आस लेकर आई है। भर्ती शुरू होने से उनको न केवल देश सेवा का मौका मिलेगा, बल्कि नौकरी भी मिल सकेगी।
पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना काल व अन्य कारणों से सेना की खुली भर्ती नहीं हुई है। इस कारण हरियाणा में दो साल में डेढ़ लाख से अधिक युवा ओवरएज हो चुके हैं। सेना में भर्ती शुरू कराने को लेकर युवा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन तक चुके हैं। इतना ही नहीं राज्यसभा में भी यह मामला उठाया जा चुका है।
पिछले दिनों भिवानी के गांव तालू के 23 वर्षीय पवन ने इसलिए फंदा लगाकर जान दे दी थी कि वह सेना में भर्ती नहीं हो सका और ओवरएज हो गया था। भर्ती को लेकर युवाओं ने पूरे प्रदेश में आंदोलन भी चलाया हुआ है। ऐसे में अग्निपथ भर्ती योजना उनके लिए सेना में भर्ती होने की आस लेकर आई है। गौरतलब है कि भारतीय सेना में हर 10वां जवान हरियाणा से है। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक जिले में सबसे अधिक सेना के जवान हैं। इसी प्रकार प्रदेश में सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की संख्या करीब 20 लाख है।