धरने पर बैठे जाटों से हरियाणा सरकार बिना किसी शर्त के बात करने को तैयार हो गई है, लेकिन संघर्ष समिति के यशपाल मलिक ने शर्त रख दी है। सीएम खट्टर ने मंगलवार को यहां कहा कि जाट आंदोलनकारियों की ओर से 18 मांगें मिली हैं।
सरकार उन पर बिना शर्त बातचीत करने को तैयार है। यह बातचीत कानून के दायरे में ही होगी, लेकिन आंदोलनकारियों की तरफ से भी कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह स्थिति न बिगड़े, इसलिए एहतियातन सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कैबिनेट से मंजूर कमेटी से ही बात करने की शर्त रखते हुए 1 मार्च से असहयोग आंदोलन की घोषणा की। मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के बाद में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए बिना शर्त बातचीत की हामी भरी।