हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्णय लिया है कि पिछले वर्ष जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को मुआवजा जारी किया जाए। इसके तहत गोली से घायल लोगों को एक लाख रुपये की अदायगी की जाएगी।
वहीं गोली की चोट के बिना घायल व्यक्ति को 50,000 रुपये की अदायगी होगी। जबकि मामूली चोट वालों को 25,000 रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। इस तरह हरियाणा सरकार ने 19 फरवरी को नए सिरे से आंदोलन की तैयारी कर रहे सूबे के जाटों को मुआवजे के सहारे साधने की कोशिश की है। जाट उग्र न हों, इसके लिए रणनीतिकारों के साथ बातचीत कर घायल आंदोलनकारियों को मुआवजे की घोषणा की गई है। यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सरकार जाटों के साथ है।
जाट नेता यशपाल मलिक ने दो टूक कहा है कि 19 फरवरी को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्नीस फरवरी के बाद ही सरकार से आगे की बातचीत की जाएगी। सरकार की यह सोच है कि किसी तरह से यह दिवस शांतिपूर्वक निपटे। उसके बाद अगले दौर की बातचीत की जाए।