हरियाणा सरकार ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने के लिए गांवों में गठित स्वयं सहायता समूहों को और मजबूती देगी। ग्रामीण महिलाओं के हुनर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलवाने के लिए सरकार सक्रिय हो गई। इसी को लेकर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्वयं सहायता समूहों को एक्टिव करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डिप्टी सीएम ने महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूह के गठन पर फोकस किया। उन्होंने आगामी वर्ष लगने वाले सूरजकुंड मेले में भी स्वयं सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर आदेश दिए ताकि प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने हुनर को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिले।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हों ताकि महिलाओं की आमदनी बढ़े। इसके लिए उन्होंने प्रदेश भर के गांवों में जहां सेल्फ हेल्प ग्रुप (स्वयं सहायता समूह) का गठन हो चुका है। उन्हें एक्टिव करने और जिन-जिन गांवों में अभी सेल्फ हेल्प ग्रुप का गठन नहीं हुआ है, वहां जल्द स्वयं सहायता समूह बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी इसके लिए जिला स्तर पर हर गांव समूह के गठन को लेकर कार्ययोजना तैयार करके उनकी रिपोर्ट सौंपे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में महिलाओं का स्वयं सहायता समूह का गठन होने से गांव में बने नए प्रकार के उत्पाद मार्केट में उपलब्ध तो होंगे ही, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की दर भी बढ़ेगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि इसके जरिए महिलाएं लॉकडाउन में आई आर्थिक मंदी से प्रदेश को उभारने के लिए अपनी अहम भूमिका निभाएगी।