एनएच-73 पर रामगढ़ से कनेक्टिविटी के लिए रामगढ़-मुबारकपुर-डेराबस्सी रोड को अपग्रेड करने की दिशा में काम किया जाएगा। मोरनी-रायपुररानी रोड और एनएच-73 पर चंडी मंदिर टी-जंक्शन से मोरनी रोड तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा। सेक्टर-32, पंचकूला को पिंजौर में डीएलएफ टाउनशिप से परवाणु के निकट नेशनल हाइवे से जोड़कर रामगढ़ की हिमाचल प्रदेश से कनेक्टिविटी की भी योजना है।
थापल में पैराग्लाइडिंग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
एके सिंह ने बताया कि पर्यटन के लिहाज से यहां कंक्रीट के ढांचों के बजाय अस्थायी और प्रकृति के अनुकूल निर्माण पर बल दिया जाएगा। कैंपिंग और ट्रैकिंग के साथ-साथ थापली वन में पैराग्लाइडिंग की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माउंटेन क्वेल, मोरनी, यादवेंद्र उद्यान, पिंजौर के साथ-साथ रेड बिशप जैसे मौजूदा पर्यटन ढांचे का उपयोग किया जाएगा।
व्हाइट, ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी के फार्मा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से अस्पतालों के लिए 7 से 10 स्थान चिन्हित किए जाएंगे। मेदांता, गुरुग्राम की तर्ज पर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पीजीआई, चंडीगढ़ से सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। एजुकेशन सिटी जैसे संस्थान स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। यहां व्हाइट, ग्रीन और ऑरेंज श्रेणी में आने वाले फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी है। सेक्टर-22 स्थित आईटी पार्क को पूरी क्षमता से चलाने के विकल्पों की तलाश की जाएगी। इसके अलावा बरवाला को इंडस्ट्रियल टाउनशिप के तौर पर विकसित किया जाएगा।