फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट की फटकार, घुटनों पर आई हरियाणा सरकार, 190 बसों के लिए जारी टेंडर लिया वापस

Sat, 22 Dec 2018 09:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Punjab And Haryana Highcourt - फोटो : File Photo
विज्ञापन

हरियाणा में 190 बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत हायर करने के लिए जारी टेंडर में खामियों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरियाणा सरकार को घुटनों पर आते हुए टेंडर वापस लेना पड़ा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो टूक शब्दों में कहा था कि या तो टेंडर वापस लिया जाए या हाईकोर्ट इसे खारिज कर देगा। हाईकोर्ट का कड़ा रुख देखते हुए हरियाणा सरकार ने दो घंटे बाद सूचित किया कि वे टेंडर वापस ले रही है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का औचित्य न बचने पर इसे खारिज कर दिया।

विज्ञापन


टेंडर की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए मनीष कुमार ने एडवोकेट डीएस पटवालिया के माध्यम से याचिका दाखिल की थी। कोर्ट को बताया गया कि इन 190 बसों के लिए 12 नवंबर को टेंडर जारी किया गया। अर्नेस्ट मनी को आरटीजीएस के स्थान पर ऑफ लाइन ड्राफ्ट के माध्यम से मांगा गया था। पूरी प्रक्रिया को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया गया जिसमें पहली टेक्निकल बिड और दूसरी फाइनेंशियल बिड।

विज्ञापन

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
 टेक्निकल बिड के जरिये आवेदक को स्टेट ट्रांसपोर्ट के निदेशक के नाम एक डिमांड ड्राफ्ट बनाना था। उसके बाद आवेदक को तत्काल टेक्नीकल बिड में ड्राफ्ट की जानकारी के साथ आवेदन करना था। याचिकाकर्ता का कहना था 21 दिसंबर आवेदन की अंतिम तिथि है, ऐसे में दोनों प्रक्रिया के बीच कुछ समय दिया जाना जरूरी है। जो चंडीगढ़ में है वह तो इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन जो दूर से हैं उन्हें दोनों में एक साथ आवेदन में परेशानी होगी। इससे राज्य सरकार को ही नुकसान होगा क्योंकि इस प्रक्रिया से प्रतियोगिता कम होगी और सरकार को मंहगे दामों में बस लेने पड़ेगी।

पारदर्शी और प्रतियोगी तरीका जरूरी 
गुरुवार को हाई कोर्ट ने इस याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार सुबह जवाब दिए जाने के आदेश दिए थे। शुक्रवार सुबह दस बजे हरियाणा सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया सही है। हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर क्यों अर्नेस्ट मनी को ऑफ लाइन रखा गया है। इसके पक्ष में सरकार ने दलीलें दी जिसे हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि ऑफ लाईन की शर्त हमारी समझ के बाहर है। कोर्ट ने कहा कि टेंडर पारदर्शी तरीके से प्रतियोगी तरीके से हो यह सुनिश्चित करना जरूरी है।

नए सिरे से जारी होगा टेंडर 
हाईकोर्ट की फटकार के बाद इस पर हरियाणा सरकार ने कुछ समय दिए जाने की अपील की जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई दो घंटे के लिए टाल दी। हरियाणा सरकार के वकील ने सरकार से राय लेने के बाद हाईकोर्ट को सूचित किया कि वे यह टेंडर वापस लेने जा रहे हैं और नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा जिसमें ऑन लाइन पेमेंट को स्वीकार किया जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें