सीएम मनोहर लाल रजिस्ट्री घोटाले में संलिप्त पटवारियों को भी नहीं बख्शने वाले हैं। गुरुग्राम के मंडलायुक्त को उन पटवारियों की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिन्होंने गलत इरादे के साथ खसरा गिरदावरी में भूमि की प्रविष्टियों को कृषि भूमि से गैर मुमकिन, गैर मुमकिन पहाड़, गैर मुमकिन फार्महाउस आदि’ में बदला है। इससे 1975 के अधिनियम संख्या 8 की धारा 7-ए का उल्लंघन कर डीड की रजिस्ट्री आसान बनाई गई।
टीसीपी, स्थानीय निकाय विभाग से दो सप्ताह में मांगी जांच रिपोर्ट
सीएम ने 1975 के अधिनियम संख्या 8 की धारा 7-ए के दुरुपयोग को रोकने के लिए नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग को जारी एनओसी के संबंध में आंतरिक जांच करने और रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर राजस्व विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकाय और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को 15 दिनों के भीतर जांच कर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है, ताकि कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन कर की गई रजिस्ट्री को लेकर विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
तकनीक से रोकें रजिस्ट्रियों में भ्रष्टाचार: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्री रोकने की अवधि का उपयोग नगर एवं ग्राम आयोजना, शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, शहरी संपदा, पुलिस, वन विभाग और मुकदमेबाजी मामले विभाग वेब-हेलरिस एप्लीकेशन के साथ इंटरफेस कर एक प्रौद्योगिकी आधारित चेक स्थापित करें। जिससे कानून का उल्लंघन कर की जा रही गलत रजिस्ट्री रोकी जा सकें।