अब सरकार ने इन 510 बसों का टेंडर भी रद्द कर दिया है। इस पर जस्टिस आरके जैन एवं जस्टिस अरुण त्यागी की खंडपीठ ने हरियाणा के एजी से उस आदेश की मांग की तो उन्होंने इसके लिए दो दिनों का समय दिए जाने की अपील की।
हाईकोर्ट ने कहा कि अखबारों में इस बारे में खबर छप चुकी हैं कि मुख्यमंत्री ने इन बसों के टेंडर रद्द कर दिए हैं तो टेंडर रद्द करने के आदेश की कॉपी पेश की जानी चाहिए थी। बाद में हाईकोर्ट ने एजी को 24 जुलाई को इन आदेश की कॉपी पेश करने के आदेश जारी कर दिए।
यह था मामला
प्रति किलोमीटर स्कीम के तहत गत वर्ष 510 बसों के टेंडर 31 से 37 रुपये प्रति किलोमीटर तक दिए गए थे। बाद में जब 190 बसों के लिए टेंडर जारी किए गए तो कीमत 20 रुपये से भी कम में आई। मामले में कुछ अफसरों और ट्रांसपोर्टरों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी ने हड़ताल भी की थी।
रोडवेज तालमेल कमेटी व कुछ अन्य पक्षों ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। 510 बसों की तुलना में 190 बसों के रेटों में 15 से 17 रुपये तक का अंतर आने के बाद मामला कोर्ट में पहुंचा तो दबाव में सरकार ने परमिट की विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।