इस एक्सप्रेस वे पर हरियाणा के सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, पलवल व मेवात जिले पड़ते हैं। इस मार्ग के दो किलोमीटर की परिधि के अंदर-अंदर पंचग्राम नाम से पांच नए शहर विकसित किए जाएंगे। साथ ही कुंडली-गाजियाबाद-पलवल इस्टर्न पेरीफेरी-वे चालू हुआ है जो दिल्ली के बाहर गुरुग्राम की ओर जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है।
मंत्री के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल उत्तरी हरियाणा बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी यातायात दबाव कम हुआ है। साथ ही गाजियाबाद, नोएडा से जुड़कर पश्चिमी राज्यों के बंदरगाहों को दक्षिण हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद व पलवल जिलों से द्रुत गति लिंक उपलब्ध हुई है।
मंत्री के अनुसार दिल्ली मेट्रो का विस्तार गुरुग्राम से मानेसर तक किया जा चुका है, गुरुग्राम को फरीदाबाद के साथ मेट्रो से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि मानवरहित रेलवे फाटकों को बंद करने पर कार्य चल रहा है और जहां-जहां आवश्यकता है, वहां पर रेलवे ऊपरगामी पुलों या रेलवे अंडरपास (आरयूबी) का निर्माण करवाया जा रहा है।