अरावली व अन्य पहाड़ियों में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए हरियाणा सरकार एक कार्य योजना तैयार कर रही है। यह योजना अगले दो महीने में तैयार हो जाएगी। इसके तहत खनन वाले क्षेत्रों में ड्रोन तैनात करना, सेटेलाइट से निगरानी, सीसीटीवी लगाने, टॉवर व चेक पोस्ट स्थापित करना शामिल है।
इसके साथ ही दशकों से अवैध खनन के कारण छलनी हुए क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए भी विशेष पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव ने बताया कि कार्य योजना को लेकर विभागों के साथ बैठक हो चुकी हैं। अगले डेढ़ से दो महीने में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यह प्लान अरावली के साथ रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी के लिए भी होगा।
खनन माफिया ने नूंह में ली थी डीएसपी की जान
उल्लेखनीय है कि साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह की पहाड़ियों पर खनन पर पूर्व प्रतिबंध लगा दिया था। मगर इसके बावजूद अवैध खनन जारी है। अवैध खनन रोकने में सरकार नाकाम रही। इस बारे में स्थानीय लोगों ने कई बार आवाज उठाई, मगर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा सके। यहां तक नूंह में डीएसपी को कुचलकर मार दिया गया। वहीं, खनन की वजह से पहाड़ों को खोद-खोदकर खोखला कर दिया गया है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने और समाजिक संस्थाओं ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दस्तक दी और खनन को रोकने की गुहार लगाई।
एनजीटी कर चुकी है टिप्पणी
एनजीटी ने कई सुनवाई में हरियाणा सरकार की दलील सुनने के बाद खनन को रोकने के लिए उठाए कदमों पर निराशा व्यक्त किया। साथ ही सख्त टिप्पणी की कि अधिकारी अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उनके आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके बाद हरियाणा सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। हाल ही विधानसभा में अवैध खनन रोकने के लिए जस्टिस एलएन मित्तल की एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें 12 से ज्यादा सुझाव दिए गए थे। कार्य योजना में इन सुझावों को भी शामिल किया जाएगा।
राजस्थान में खनन पर रोक नहीं
हरियाणा के अरावली क्षेत्र में अवैध खनन नहीं रुकने की एक बड़ी वजह यह है कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में खनन पर कोई रोक नहीं है। राजस्थान सीमा से माफिया घुसकर हरियाणा क्षेत्र में भी बिना रोकटोक खनन को अंजाम देते हैं। दूसरी तरफ अवैध खनन को रोकने के लिए न तो खनिज विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ है और न ही पुलिस के पास। जस्टिल एलएन मित्तल ने इस दिशा में सरकार को सख्त कदम उठाने का सुझाव दिया है।
स्टोन क्रशर में खनिज ले जाने वाले वाहन जीपीएस लैस होंगे
अवैध खनन को पूरी तरह से रोकने के लिए स्टोन क्रशर में खनिज ले जाने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी। इसके तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद व नूंह में स्थित स्टोन क्रशर या स्क्रीनिंग प्लांटों तक सामग्री ले जाने वाले सभी वाहन फरवरी तक जीपीएस से लैस किए जाएंगे। इसके साथ ही जिन रास्तों से ये वाहन गुजरेंगे, वहां पर चेकप्वाइंट्स, रेडियो-फ्रीक्वेंसी व ट्रैकिंग सिस्टम से वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए निगरानी कक्ष व स्टेशन भी स्थापित किए जाने हैं।
धूल व रेतीले तूफानों को रोकती हैं अरावली की पहाड़ियां
अरावली की पहाड़ियां खनिज, वनस्पति व जीवों से भरी हुई हैं। यह पहाड़ियां दिल्ली व हरियाणा के कुछ हिस्सों को धूल और रेतीले तूफानों से बचाती है। यदि यह पहाड़ियां न हो तो शहरों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। इसी वजह से लोग चिंतित भी हैं कि लगातार खनन से अरावली की पहाड़ियां खोखली जाएंगी। यदि यह पहाड़ियां नहीं रही तो लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।