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Haryana: हरियाणा में गन्ने का भाव 10 रुपये बढ़ा, अब 372 रुपये प्रति क्विंटल होगा भाव, मनोहर लाल ने की घोषणा

Wed, 25 Jan 2023 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की और 2022-23 के निर्धारण गन्ने के राज्य सुझावित मूल्य पर पुनर्विचार समिति की रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा समेत तमाम संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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सीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपते कृषि मंत्री जेपी दलाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गन्ने का मूल्य बढ़ाने को लेकर प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन के चलते सरकार बुधवार को बैकफुट पर आ गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्तमान पेराई सीजन के लिए गन्ने के भाव में 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी की घोषणा की। साथ ही कहा कि अगले साल भी गन्ने का भाव बढ़ाया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में गन्ने का रेट 372 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। 

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उधर, भारतीय किसान यूनियन ने इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए पंजाब के बराबर 380 रुपये प्रचि क्विंटल मूल्य करने की मांग रखते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। आगामी रणनीति के लिए गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने जींद और भाकियू (चढूनी) ने कुरुक्षेत्र में बैठक बुलाई है।

चीनी मिलों पर 5293 करोड़ रुपये का घाटा
इस समय राज्य की चीनी मिलों पर 5293 करोड़ रुपये का घाटा है। सहकारी मिलों में चीनी की रिकवरी का प्रतिशत 9.75 है, जबकि निजी मिलों का प्रतिशत 10.24 है। चीनी मिलों की हालत सुधारने के लिए चीनी की रिकवरी बढ़ाने, अतिरिक्त आय के लिए मिलों में एथेनॉल व ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और मिलों में चीनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम चल रहा है।
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सप्ताहभर में गन्ने का भुगतान करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में गन्ना किसानों का समय पर भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में 2628 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और इस वर्ष कोई भी बकाया नहीं है। वर्ष 2021-22 में सिर्फ नारायणगढ़ चीनी मिल के 17.94 करोड़ रुपये को छोड़कर 2727.29 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारी चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि एक सप्ताह में किसानों को भुगतान कर दिया जाए। किसानों को भी ऑफर दिया गया है कि यदि वे चीनी मिलों का संचालन करना चाहें तो सरकार इस पर भी विचार कर सकती है।

किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों से अपील है कि वे गन्ने को चीनी मिलों में ले जाना शुरू करें और मिलों को सुचारू रूप से चलने दें। भाकियू और विपक्ष से भी कहा है कि इस मामले में राजनीति न करें। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा

मुख्यमंत्री ने गन्ने का भाव मात्र 10 रुपये बढ़ाकर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। गुरुवार को सभी चीनी मिलों से जुड़े किसानों के प्रतिनिधि कुरुक्षेत्र की सैनी धर्मशाला में होने वाली बैठक में पहुंचें, ताकि आगे की रणनीति पर फैसला लिया जा सके। गन्ना आंदोलन के शेष सभी कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। - गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू, प्रदेशाध्यक्ष

हमें उम्मीद थी कि सरकार पंजाब से अधिक गन्ने का भाव करेगी। मात्र 10 रुपये की बढ़ोतरी कम है। इसे कम से कम पंजाब के बराबर लाना चाहिए। गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक जींद में होगी। इसमें यह मुद्दा रखा जाएगा और बाद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। - रतन मान, प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू (टिकैत)

दो बैठकों में बनी सहमति
किसानों द्वारा चीनी मिलों को ताला जड़ने पर सरकार ने कृषि मंत्री जेपी दलाल की अध्यक्षता में समीक्षा कमेटी गठित की थी। कमेटी में शुगरफेड के चेयरमैन रामकरण, विधायक घनश्याम दास, विधायक हरविंद्र कल्याण, कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा, समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल थे। कमेटी ने पहली बैठक पांच जनवरी और दूसरी बैठक 24 जनवरी को की। दो बैठकों में ही सदस्यों ने पाया कि घाटे के बावजूद मूल्य बढ़ाना जरूरी है। बुधवार सुबह जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री को उनके आवास पर यह रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट मिलते ही मुख्यमंत्री ने गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की घोषणा कर दी, जबकि पहले सरकार ने मूल्य बढ़ाने से साफ इन्कार कर दिया था।

पंचायतों ने प्रस्ताव पारित करने शुरू किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडरिंग की व्यवस्था शुरू की है। सरकार ने गांवों में विकास कार्यों के लिए पंचायती राज संस्थाओं के खातों में 1100 करोड़ रुपये की राशि भेजी है। पंचायतों ने प्रस्ताव पारित करने शुरू कर दिए हैं।

पांच फरवरी से सरसों की गिरदावरी शुरू होगी
उन्होंने कहा कि इस बार सर्दी अधिक पड़ी है, जिससे सरसों की फसल काफी प्रभावित हुई है। नुकसान का आकलन करने के लिए पांच फरवरी से नियमित गिरदावरी शुरू की जाएगी और जहां-जहां नुकसान हुआ है, किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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अब सरकार ने शुगर मिल चलाने के लिए झोंकी ताकत
अब हरियाणा सरकार ने किसानों द्वारा बंद शुगर मिलों को चालू करने में ताकत झोंक दी है। कमान खुद मुख्य सचिव संजीव कौशल ने संभाली है। बुधवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यमुनानगर से राज्य के सहकारी चीनी मिलों को चालू करने के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को एकजुट होकर किसानों से बातचीत करके चीनी मिलों को समय पर संचालित करवाएं। नारायणगढ, यमुनानगर, करनाल और भादसों की चीनी मिलों को चालू करने के लिए अधिकारियों को प्रयास करने होंगे और इन चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से जल्द संचालित किया जाए।

पुलिस संभालेगी मोर्चा
बैठक में पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल ने कहा कि कुछ किसान चीनी मिल में गन्ने की फसल ला रहे हैं, परंतु कुछ आंदोलनकारी किसान उन्हें रोक रहे हैं, इसलिए ऐसे स्थानों पर संबंधित पुलिस अधीक्षकों को पुलिस बल की तैनाती करनी होगी। पुलिस बलों को सतर्क रहना है और किसी भी अप्रिय घटना नहीं होने देनी है और पुलिस बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को दंगा रोधी उपकरणों से लैस रखना होगा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना होगा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी आलोक मितल ने भी अपने-अपने सुझाव साझा किए।
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