फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: निर्यात को 2 लाख करोड़ तक पहुंचाने की तैयारी, आयात-निर्यात बिजनेस मीट से टटोला जाएगा विदेशियों का मन

Mon, 25 Oct 2021 09:26 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्यात बढ़ाने का जिम्मा विदेश सहयोग विभाग को सौंपा है। इस समय प्रदेश से 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। अब सरकार यूरोपियन व खाड़ी देशों के अलावा अरब देशों में निर्यात बढ़ाने की संभावना खंगाल रही है। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा ने विदेशों में निर्यात दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का खाका खींचा है। अभी 85 हजार करोड़ रुपये का निर्यात प्रदेश से हो रहा है। निर्यात का नया लक्ष्य हासिल करने के लिए सरकार विदेशियों का मन आयात-निर्यात बिजनेस मीट के जरिये टटोलेगी। 2022 की शुरुआत में इसका आयोजन करने की तैयारी है।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम करने का जिम्मा विदेश सहयोग विभाग को सौंपा है। इसके बाद से विभाग के उच्चाधिकारी दूसरे देशों की वर्तमान सोच व मांग जानने में जुटे हैं। यूरोपियन व खाड़ी देशों के अलावा अरब देशों में और अधिक निर्यात करने के लिए वहां के बाजारों और जरूरतों का अध्ययन किया जा रहा है।
 
यह भी पढ़ें - रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: आठ ट्रेनें चार दिन तो ऊंचाहार सहित लंबी दूरी की छह ट्रेनें तीन माह के लिए रद्द 
विज्ञापन


सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, शिक्षा, टेक्सटाइल, फुटवियर, चावल, दलहन-तिलहन, विज्ञान उपकरणों, प्लाईवुड व ऑटोमोबाइल इत्यादि क्षेत्रों पर फोकस करते हुए निर्यात बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री इसे लेकर विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर चुके हैं।

विभाग के महानिदेशक डॉ. अनंत प्रकाश पांडेय ने बताया कि बिजनेस मीट आयोजित करने की रणनीति पर अगले महीने से काम शुरू होगा। हरियाणा क्षमतावान प्रदेश है और इसके अनेक उत्पादों की विदेश में काफी मांग है। जिन उत्पादों की ज्यादा मांग है, उनका उत्पादन बढ़ाकर अधिक आपूर्ति के जरिये निर्यात बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसकी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर उन्हें सौंपने को कहा है ताकि उसे अमलीजामा पहनाने के लिए धरातल पर काम शुरू किया जा सके। व्यवसाय में शिक्षा अब नया क्षेत्र है। इसमें अनेक देशों के साथ मिलकर काम किया जा सकता है। नाइजीरिया, कांगो, इथोपिया, मॉरीशस, अन्य अफ्रीकी देश, खाड़ी देश व यूरोपियन देशों में निर्यात के मामले में दूसरे-तीसरे नंबर पर हैं। दुबई से लेकर अमेरिका, अफ्रीका में प्रदेश के बने कपड़ों, इंजीनियरिंग व ऑटो उपकरणों की काफी मांग है। ईरान में चावल निर्यात और बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन


वर्तमान में निर्यात की स्थिति

  • बहादुरगढ़ से सालाना 2000 करोड़ का फुटवियर विदेश जा रहा है, इसे दोगुना करने का लक्ष्य है।
  • यमुनानगर से 400 करोड़ की प्लाई विदेशों में जा रही है, इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
  • पानीपत से 12 हजार करोड़ का कपड़ा दूसरे देशों में जा रहा, इसे बीस हजार करोड़ तक पहुंचाएंगे।
  • 60 फीसदी चावल खासकर बासमती विदेशों में भेजा जा रहा है, इसे बढ़ाया जाएगा।
  • अंबाला के विज्ञान उपकरणों की विदेशों में भारी मांग है।
  • गुरुग्राम-फरीदाबाद के ऑटो सेक्टर, आईटी व इलेक्ट्रोनिक के अलावा निर्मित वाहनों की भी दूसरे देशों में आपूर्ति
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें