हरियाणा सरकार ने बाढ़ से बचाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी देकर कहा है कि वे खुद राहत बचाव कार्यों का निरीक्षण करेंगे और सीधे रिपोर्ट देंगे। सभी जिलों के डीसी और एसपी को पहले ही आदेश दे रखे हैं। सीएम ने 30 जून से पहले सभी कार्य पूरे करने को कहा है।
अमर उजाला ''बरसात कितने तैयार हैं हम'' अभियान के तहत लगातार बाढ़ बचाव कार्य में हो रही देरी के मुद्दे को उठा रहा है। इसी पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने अब मंत्री-विधायकों को आगे किया है।
पिछले साल जुलाई में आधा हरियाणा बाढ़ की चपेट में आ गया था। सरकार की अधूरी तैयारियां के कारण गांवों के साथ-साथ शहरों में पानी घुस गया था। फसलें तक बर्बाद हो गई थीं। चूंकि इस बार बारिश के सीजन के ठीक बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं, इसलिए सरकार और ज्यादा सतर्क है और विपक्ष को कोई मुद्दा नहीं देना चाहती। इसी कारण अफसरशाही के साथ-साथ विधायकों व मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है। वे अपने हलकों में मुआयना कर यह भी बताएंगे कि क्या बेहतर हो सकता है। इसके लिए सीएम ने उनसे सुझाव भी मांगे हैं।
करनाल के लिए 25.75 करोड़ जारी
करनाल जिले में बाढ़ और जलभराव से बचाव के लिए सिंचाई विभाग ने 25.75 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इससे 21 बरसाती नालों व एक माइनर की सफाई कराई जाएगी। इसके अलावा यमुना पर आठ स्टड भी बनेंगे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि 30 जून से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
पिछली बार 12 जिलों में मची थी तबाही
पिछली बार सबसे ज्यादा खराब स्थिति पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, सिरसा, फतेहाबाद, फरीदाबाद और पलवल की रही थी। अब इन्हीं जिलों में आते विधानसभा क्षेत्रों के विधायक प्रशासनिक अधिकारियों पर भी नजर रखेंगे।