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अभी अपने तथ्य प्रमाणित करने में रुचि नहीं ले रहे अधिकतर व्यक्ति
अभी ज्यादातर लोग अपने संपत्ति कर के तथ्यों की जांच में रुचि नहीं ले रहे हैं। विभाग ने याशी नामक एक एजेंसी से प्रदेश में 42 लाख 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे करवाया है। इस सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों के नाम, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी के साइज व अन्य तथ्य मेल नहीं खाते। इस कारण लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। पिछले माह कांग्रेस नेताओं ने भी जनता को परेशान करने का आरोप लगाते हुए सर्वे में घोटाले की बात कही थी। वहीं सरकार का प्रयास है कि संपत्ति कर का मामला पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाए और लोग अपनी संपत्ति के विवरण की जांच कर उसे ठीक करवा लें।
कई जगह गड़बड़ी की मिली सूचना
मामले में कई जगह सीएससी संचालकों द्वारा की जा रही गड़बड़ी की बात भी सामने आई थीं कि वे एक ही मोबाइल नंबर को अलग-अलग लोगों के संपत्ति कर प्रमाणन के लिए प्रयोग कर रहे हैं। इस कारण असली मालिक को पोर्टल की सुविधा अनुसार ओटीपी नहीं मिल पाता। इसके अलावा कुछ जगहों पर सीएससी संचालकों निश्चित राशि से अधिक वसूली की बातें भी सामने आई थीं। विभाग सीएससी संचालकों के लिए पहले ही आदेश जारी कर चुका है कि वे जिस व्यक्ति के संपत्ति के विवरण की जांच करेंगे, उसके लिए असली मालिक के मोबाइल नंबर का ही प्रयोग करेंगे।